ममता बैनर्जी शाहजहाँ शेख़ को सीबीआई को क्यों नहीं सौंपना चाहती थीं? आगामी चुनाव में ममता बैनर्जी को संदेशखाली की क्या क़ीमत चुकानी पड़ सकती है? नारी शक्ति के नाम पर मोदी की चिंता कितनी चुनावी है और कितनी मानवीय? डॉ. मुकेश कुमार के साथ चर्चा में शामिल हैं- जयंत रॉय चौधरी, शीतल पी. सिंह, आनंद सहाय, अनिल त्यागी और नीरेंद्र नागर-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























