विपक्षी नेताओं पर छापेमारी, गिरफ़्तारियाँ मोदी राज की पहचान क्यों बन गया है? क्या मोदी जाँच एजंसियों के आतंक के बल पर राज करना चाहते हैं? विपक्ष को डरा-धमकाकर, उन्हें परेशान करके वे क्या हासिल कर रहे हैं? क्या राज करने के इन हथकंडों से लोकतंत्र ख़तरे में नहीं पड़ गया है? ऐसे में कैसे बचेगा लोकतंत्र?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























