भारतीय वायुसेना को पाँच राफेल विमान मिलने से निश्चय ही उसकी मारक क्षमता में इज़ाफ़ा करेगा, मगर उतना नहीं जितना कि मीडिया बता रहा है। वह मोदी सरकार की नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए ऐसा कर रहा है मगर चीन के मुकाबले अभी भी हमारी वायुसेना कई मामलों में पीछे है, इसलिए किसी भी तरह का मुग़ालता पालना घातक हो सकता है। पेश है वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























