सरकार ने हाथ झाड़ लिए हैं और प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया की भूमिका भी बहुत उत्साहजनक नहीं लगती। ऐसे में तब्लीग़ी जमात के बहाने मुसलमानों को निशाना बनाने वाले मीडिया को कैसे सुधारा जाए? पेश है ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के पूर्व महासचिव एन. के. सिंह से वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की बातचीत।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























