कोरोना महामारी से ग्रस्त अमेरिका में हालात सुधरने के नाम नहीं ले रहे। अब तो उम्मीदें वैक्सीन पर टिकी हुई हैं। अमेरिकी कंपनियाँ युद्ध स्तर पर अपने प्रयोगों को आगे बढ़ा रही हैं। पेश है वाशिंगटन में रह रही वैज्ञानिक डॉ. इंद्राणी बरुआ से इस मुद्दे पर बातचीत।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























