आठ साल में मोदी जी ने कैसा न्यू इंडिया बनाया है क्या नफ़रत और हिंसा से भरा भारत ही नया इंडिया है क्या मारने-काटने की आवाज़ें ही न्यू इंडिया की पहचान है क्या दलितों-अल्पसंख्यकों से भेदभाव ही इस नए इंडिया का दस्तूर है संदेहग्रस्त न्यायपालिका, ढहता लोकतंत्र और बेमानी होता संविधान...मोदी न्यू इंडिया को क्या आकार दे रहे हैं? डॉ. मुकेश कुमार के साथ चर्चा में शामिल हैं- प्रो. अपूर्वानंद, रामशरण जोशी, फ़िरदौस मिर्ज़ा, डॉ. लक्ष्मण यादव, शीबा असलम फ़हमी और नीरेंद्र नागर-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























