क्या बीजेपी शिवसेना के बाद एनसीपी को तोड़ने की कोशिश कर रही है? क्या एक बार फिर अजित पवार उसके मोहरे बनेंगे? क्या मोदी सरकार फिर से ईडी और सीबीआई के ज़रिए उन पर दबाव बना रही है? आख़िर राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी के सम्मेलन से बीच में अजित पवार का जाना क्या कहता है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























