क्या मोदी सरकार बचे-खुचे मीडिया को भी ख़त्म कर देगी? साफ़ छवि वाले पत्रकारों को धमकाकर वह क्या हासिल करना चाहती है? क्या वह आम चुनाव के मद्देनज़र ऐसा कर रही है? क्या ऐसा करके उसने इमर्जेंसी से भी बदतर हालात नहीं कर दिए हैं? मीडिया पर इस जानलेवा हमले से विश्व में भारतीय लोकतंत्र की क्या छवि बनेगी?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























