बहुत से लोग चीन के ख़िलाफ़ अभियान चलाते रहते हैं। मगर हक़ीक़त ये है कि जो राजनीतिक दल कभी चीन के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाते थे वे आज खुद उससे संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में जुटे हुए हैं। भारत-चीन संबंधों के सत्तर साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी प्रधानमंत्री को जो संदेश भेजा है वह यही बताता है। सत्यहिंदी के लिए वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की टिप्पणी।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























