राजस्थान के मतदाता मोदी और गहलौत की गारंटियों में से किस पर ज़्यादा यक़ीन करेंगे? क्या गहलौत सरकार का कामकाज उनके वादों को ज़्यादा विश्वसनीय बनाता है? क्या वादों की झड़ी बीजेपी पर भारी पड़ने वाली है।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























