आज अगर गाँधी होते तो क्या करते? मौजूदा सरकार उनके साथ क्या सलूक करती? क्या उनके आश्रम पर बुल्डोज़र चला दिया जाता? भारत में मुसलमानों की स्थिति कैसी है? क्या भारत फासीवाद की तरफ जा रहा है? क्या भारत में बदलाव की कोई उम्मीद दिखती है? क्या लाचार विपक्ष से कोई आशा की जा सकती है? जाने माने इतिहासकार, जीवनीकार और राजनेता प्रो. राजमोहन गाँधी से डॉ. मुकेश कुमार की बातचीत-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























