राम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम के बाद एक बार फिर से ये माहौल बन गया है मानो अब हिंदुत्ववादी राजनीति ही अब हावी रहेगी और विपक्ष को उसके सुर में सुर मिलाना होगा। लेकिन क्या इसमें कुछ सचाई है, क्या विपक्षी दलों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है ? पेश है वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश से मुकेश कुमार की बातचीत
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























