दो हज़ार का नोट बंद करने की माँग करके क्या बीजेपी नेता सुशील मोदी ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है? क्या इससे एक बार फिर ये साबित नहीं हो गया कि दो हज़ार का नोट चलाने से काला धन को और बढ़ावा मिला है? इस मांग ने नोटबंदी को एक बार फिर ग़लत नहीं ठहरा दिया है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























