अब ये साफ़ दिख रहा है कि बिहार में सत्ता विरोधी लहर चल रही है। तेजस्वी, चिराग और कन्हैया की सभाओं में जुट रही भीड़ इसका प्रमाण है। मगर क्या ये लहर सुनामी बनेगी और एनडीए सरकार को डुबा सकेगी? पेश है इसी मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश, विजय त्रिवेदी और निवेदिता शक़ील से मुकेश कुमार की बातचीत।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























