जातीय जनगणना: आरक्षण ख़त्म करने का अचूक इलाज? बीस फ़ीसदी पचास प्रतिशत हिस्सेदारी के बाद भी परेशान क्यूं हैं? जातिगत जनगणना से क्या जातिवाद बढ़ेगा? देखिए जातिगत जनगणना पर हर पहली को समझाती एक चर्चा। वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी और राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव की दिलचस्प चर्चा।
विजय त्रिवेदी वरिष्ठ पत्रकार हैं, राजनीतिक और दूसरे सम सामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।















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