जातिगत जनगणना के आँकड़े क्या कहते हैं? क्या इन आँकड़ों के आधार पर आरक्षण की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए? बिहार की जातिगत जनगणना और आरक्षण से उठे सवाल 2024 के चुनाव में कितना बड़ा मुद्दा बनने जा रहे हैं? राजनीतिक विश्लेषक योगेन्द्र यादव से बातचीत-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























