मशहूर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर का कहना है कि योगी सरकार के नोटिस से डरी नहीं हैं और न ही डरेंगी। आज के भारत में वे घुटन महसूस करती हैं। वे मानती हैं कि असली लोकगायक वह है जो सत्ता से सवाल पूछता है। उनके मुताबिक सत्ता की चाटुकारिता करने वाले गायकों को लोकगायक कहलाने का कोई हक़ नहीं है। पेश है उनसे डॉ. मुकेश कुमार की बातचीत-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























