पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर टीएमसी ने 7 बिंदुओं में ‘फैक्ट चेक’ जारी किया है और कई दावों को गलत बताया है। क्या हैं पीएम के दावे और टीएमसी ने किस आधार पर गलत बताया?
नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीएमसी पर बरसे तो ममता बनर्जी ने भी दहाड़ा। पीएम ने गुरुवार को हल्दिया में जनसभा में तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोला तो इसके जवाब में टीएमसी ने उनके भाषण को 'फैक्ट चेक' कर जवाबी हमला किया। राज्यसभा सांसद और टीएमसी के प्रमुख नेता डेरेक ओब्रायन ने प्रधानमंत्री के भाषण के सात दावों का विस्तृत फैक्ट चेक जारी कर पीएम के दावों को ग़लत साबित करने की कोशिश की।
डेरेक ओब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'चलिए उनके 7 दावों की पोल खोलते हैं और 7-पॉइंट रियलिटी चेक देते हैं।' उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के हर भाषण या संसद में दिए गए बयानों के बाद ऐसा जवाब देना आसान हो गया है।
गरीबी और विकास पर
डेरेक ओब्रायन ने कहा कि भारत में आज भी दुनिया की सबसे ज्यादा गरीब आबादी है। चार में से पांच भारतीय रोजाना 171 रुपये से कम कमाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि देश तेजी से आगे बढ़ रहा है लेकिन टीएमसी बंगाल को पीछे खींच रही है। लेकिन हकीकत यह है कि पिछले 15 सालों में पश्चिम बंगाल का सकल राज्य घरेलू उत्पाद पांच गुना बढ़ गया है और राज्य के निर्यात में भी बढ़ोतरी हुई है।कारखाने बंद होने, मजदूरों के पलायन पर
पीएम ने कहा कि बंगाल में कारखाने बंद हो रहे हैं और लोग राज्य छोड़कर जा रहे हैं। डेरेक ओब्रायन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि 2011 में बंगाल में रजिस्टर्ड कंपनियों की संख्या 1.37 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर 2.50 लाख हो गई है। यानी 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हर साल औसतन 7500 से ज्यादा नई कंपनियां रजिस्टर हो रही हैं।
भाजपा शासित राज्यों के विकास पर
पीएम मोदी ने भाजपा शासित राज्यों के विकास की तुलना की। डेरेक ओब्रायन ने कहा कि नीति आयोग के अनुसार अभी भी 21 करोड़ भारतीय ‘मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी’ यानी बहुआयामी गरीबी में जी रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल को 2 लाख करोड़ रुपये का बकाया फंड रोक रखा है।
युवाओं के साथ विश्वासघात पर
पीएम ने टीएमसी पर युवाओं को धोखा देने का आरोप लगाया। डेरेक ओब्रायन ने कहा कि देश में एक तिहाई युवा न तो नौकरी, न शिक्षा और न ही ट्रेनिंग में हैं। सात में से दस ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। लेकिन बंगाल में बेरोजगारी दर 40 प्रतिशत कम हुई है और दो करोड़ से ज़्यादा रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।केंद्र सरकार की भर्तियाँ
डेरेक ओब्रायन ने केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली होने का मुद्दा उठाया और पूछा कि केंद्र पारदर्शी तरीके से भर्तियां क्यों नहीं भर रहा है।
महिलाओं के खिलाफ अपराध
पीएम मोदी ने बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध का मुद्दा उठाया था। डेरेक ओब्रायन ने जवाब दिया कि गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कोलकाता लगातार चार साल तक देश का सबसे सुरक्षित शहर रहा है। उन्होंने बीजेपी शासित राज्यों में हुई घटनाओं का जिक्र किया- जैसे पहलवानों के यौन शोषण मामले में भाजपा सांसद पर कार्रवाई न होना, बिलकिस बानो के बलात्कारियों को रिहा करना और उत्तर प्रदेश के हाथरस व उन्नाव जैसे मामले।
समग्र विकास
डेरेक ओब्रायन ने कहा कि पीएम मोदी का पूरा भाषण बंगाल को बदनाम करने का प्रयास है, जबकि हकीकत में राज्य आगे बढ़ रहा है।
पश्चिम बंगाल से और ख़बरें
पीएम मोदी की छह गारंटियां
हल्दिया रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के सत्ता में आने पर पश्चिम बंगाल के लिए छह गारंटियां घोषित कीं। उन्होंने टीएमसी सरकार को निर्मम बताते हुए कहा कि यह सरकार राज्य को विकास के रास्ते से पीछे खींच रही है और 'डर का राज' चला रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार आने पर 'डर का माहौल' खत्म करके 'विश्वास का वातावरण' बनेगा। उन्होंने भ्रष्टाचार की जांच, महिलाओं की सुरक्षा, घुसपैठियों को बाहर निकालने और 7वें वेतन आयोग को लागू करने जैसी गारंटियां दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में मछली का उत्पादन इतना कम है कि उसे बाहर से मंगाना पड़ता है। पीएम मोदी ने हल्दिया की रैली में कहा, 'आप हैरान रह जाएंगे कि यहां मछली की कितनी मांग है। बंगाल अपनी जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा, इसलिए दूसरे राज्यों से मछली मंगानी पड़ती है। टीएमसी की 15 साल की सरकार में आपको मछली तक नहीं दे पाए, यह दुर्भाग्य है।' प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि बिहार में भाजपा सरकार आने के बाद मछली उत्पादन बढ़ा और राज्य खुद पर्याप्त हो गया। असम में भी 10 साल पहले मछली बाहर से आती थी, लेकिन अब उत्पादन दोगुना हो गया है और असम दूसरे राज्यों को मछली निर्यात करता है।
बंगाल को मछली के बारे में मत सिखाओ: ममता
ममता बनर्जी ने मछली वाले बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। ममता ने उत्तर 24 परगना जिले के पाल्टा में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री का जवाब दिया। उन्होंने कहा, “वे ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की बात करते हैं। आज हल्दिया में उन्होंने कहा कि बंगाल में मछली का उत्पादन कम है। लेकिन क्या उन्होंने यह बताया कि बिहार, यूपी और राजस्थान में वे खुद मछली नहीं खाने देते? दिल्ली में मछली-मांस की दुकानों पर हमले होते हैं। बंगाली बोलने वालों को बोलने नहीं देते।' ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'क्या आपको शर्म नहीं आती? फिर आप बंगाल में मछली उत्पादन सिखाने आ जाते हो? पहले हम हैदराबाद से मछली मंगाते थे, लेकिन अब यहां 80 प्रतिशत मछली खुद पैदा होती है। उन्हें बंगाल की मछली उत्पादन की चिंता करने की जरूरत नहीं है।' ममता ने कहा,
पहले यह बताओ कि दूसरे राज्यों में बंगालियों को मछली या मांस खाने से क्यों रोका जाता है? मैं यह नहीं कह रही कि सबको नॉन-वेज खाना चाहिए, लेकिन खाने की आदतें हर व्यक्ति की निजी पसंद होनी चाहिए। ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल सीएम
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा, 'पहले हम छोटी-छोटी मछलियां खा लेते थे, लेकिन अब कृषि विभाग के तहत सभी जलाशयों में मछली पालन शुरू किया है। यह काम 4-5 साल पहले शुरू किया गया। पहले अंडे हैदराबाद से आते थे, लेकिन अब मुर्गी और बत्तख के पोल्ट्री फार्म बनाए हैं और 90 प्रतिशत अंडे यहां पैदा होते हैं। प्याज नासिक से आता था, लेकिन अब मुर्शिदाबाद, मालदा, पुरुलिया और बीरभूम में प्याज उगाया जा रहा है।'
मतदाता सूची पर भी हमला
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि 90 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम काट दिए गए। उन्होंने कहा, 'बंगाल को जीतना चाहते हैं इसलिए नाम काटे। मैं सड़क पर लड़ी और कोर्ट गई, 32 लाख नाम वापस कराए। बाकी भी कराऊंगी। जिनके नाम नहीं हैं, वे ट्रिब्यूनल में आवेदन करें। लेकिन मुझे नहीं पता कि पहले चरण में वे वोट दे पाएंगे या नहीं। मैं चाहती हूं कि धर्म या राजनीतिक विचार से अलग, हर किसी का वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहे।'उन्होंने अपने भबानीपुर सीट का उदाहरण दिया और कहा कि वहां पहले 48 हजार वोट कटे, फिर 14 हजार और। कुल 2.57 लाख मतदाताओं में से 60 हजार नाम हटा दिए गए। ममता ने भाजपा पर आरोप लगाया, “वे बाहर से लोग लाकर और पैसे से वोट जीतना चाहते हैं। रैलियों पर पैसा खर्च करते हैं, एजेंसियों से पोस्टर चिपकवाते हैं और हमें बदनाम करते हैं। आपने कुछ नहीं छोड़ा।'
चुनाव का माहौल
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे। कुल 294 सीटों पर मतदान होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। टीएमसी और बीजेपी दोनों ही पार्टियाँ अब एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज कर रही हैं।