प्रधानमंत्री मोदी ने जब कहा कि लोग ये मान कर चलें कि बंगाल में नरेंद्र मोदी सभी सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं तो ममता ने पीएम पद से इस्तीफ़ा क्यों मांग लिया? चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने खूब दहाड़ा।
नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा है कि पूरे देश के 19 राज्य और केंद्र सरकार मिलकर उनके खिलाफ एकजुट हो गए हैं। फिर भी वे अकेली आम लोगों के लिए लड़ रही हैं। उन्होंने इसको लेकर एसआईआर में नाम काटे जाने से लेकर पैसे देकर वोट खरीदे जाने और अधिकारियों तक के ट्रांसफर जैसे मामले उन्होंने उठाए।
बीरभूम जिले के सूरी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास देश के 19 राज्यों में सरकार है। ये सब मेरे खिलाफ एक हो गए हैं। लेकिन मैं उन सबके लिए काफी हूं। मैं आम लोगों के लिए लड़ती रहूंगी क्योंकि मुझे लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मुझे जनता का आशीर्वाद मिला है।'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'बीजेपी दिल्ली की ताकत से पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकती। तृणमूल कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में 226 से ज्यादा सीटें जीतेगी।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि उनके ‘मन की बात’ कार्यक्रम का इस्तेमाल बच्चों और युवाओं के दिमाग पर असर डालने के लिए किया जा रहा है।
ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी पैसे बांट रही है, नशा और हथियार भेज रही है। बिहार से ट्रेन और बसों में वोटर लाकर यहां वोट डलवा रही है। उन्होंने कहा, '19 राज्य और केंद्र सरकार मिलकर मेरे खिलाफ हैं। लेकिन मैं अकेली ही उन सबको जवाब दे रही हूं।'
'बंगाल में सब सीटों पर उम्मीदवार तो पीएम पद से इस्तीफा दें'
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को सिलीगुड़ी में कहा था कि वे पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार हैं। इसका जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'मोदी जी अगर 294 सीटों पर उम्मीदवार हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और कहना चाहिए कि वे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।' ममता ने कहा,
पहले तय करें कि आप देश के प्रधानमंत्री हैं या बंगाल के मुख्यमंत्री। आप यहां बाहरी व्यक्ति हैं। पहले दिल्ली संभालिए, फिर बंगाल के बारे में सोचिए। ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल सीएम
रोजगार और अन्य मुद्दों पर हमला
ममता बनर्जी ने कहा, 'मोदी जी ने पहले दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। वो कहां गईं? जब हम यहां नौकरियां भरने की कोशिश करते हैं तो कोर्ट में केस कर दिए जाते हैं। अब वे फिर नौकरियों की बात कर रहे हैं। लोगों को गुमराह न करें।' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बुलडोजर’ वाले बयान पर ममता ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'हम बुलडोजर की नीति में विश्वास नहीं रखते। हम प्यार और मोहब्बत की नीति में विश्वास रखते हैं।'
वोटर लिस्ट और SIR पर आरोप
ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को घटिया घोटाला बताया। उन्होंने दावा किया कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी की 300 नन, भारत सेवाश्रम संघ, रामकृष्ण मिशन और बेलूर मठ के कई संतों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 'SIR एक बड़ा खेल है। इसमें करोड़ों रुपये का घोटाला है।'
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उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पैसे देकर वोट खरीद रही है। चुनाव के बाद ईडी और सीबीआई केस करके पैसे वापस मांग लेगी। उन्होंने कहा, 'बीजेपी से पैसा मत लो। यह गलती मत करना। बाद में परेशानी होगी।' उन्होंने बीजेपी पर कोयला और बंदरगाह घोटालों का आरोप लगाया। सूरी में टीएमसी उम्मीदवार उज्ज्वल चट्टोपाध्याय के समर्थन में रैली करते हुए ममता ने कहा, 'अगर आप तृणमूल कांग्रेस की सरकार चाहते हैं तो मुझे सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार मान लीजिए।' बाद में बर्धमान जिले के गलसी में दूसरी रैली में भी ममता बनर्जी ने बीजेपी पर वोटरों को पैसे देकर प्रभावित करने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव होंगे। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को आएंगे। ममता बनर्जी की यह रैली पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल को और गरमा रही है।