पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा सोमवार (4 मई, 2026) को होनी है। लेकिन मतगणना से ठीक दो दिन पहले चुनाव आयोग (ECI) ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। शनिवार को आयोग ने राज्य में अतिरिक्त 165 मतगणना पर्यवेक्षक (Counting Observers) और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती की घोषणा की है। दूसरी तरफ टीएमसी के बूथ एजेंटों की बैठक में 4 मई की रणनीति तैयार की गई।

आयोग के पुलिस पर्यवेक्षकों की भूमिका

चुनाव आयोग के अनुसार, ये अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक पहले से तैनात 294 पर्यवेक्षकों की मदद करेंगे। विशेष बात यह है कि इस बार 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस पर्यवेक्षक मतगणना केंद्रों के भीतर प्रवेश नहीं करेंगे, बल्कि वे केंद्र के बाहर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। आमतौर पर मतगणना के दौरान पुलिस पर्यवेक्षकों की तैनाती नहीं की जाती, लेकिन बंगाल की संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
आयोग का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 द्वारा आयोग को मिली शक्तियों के तहत पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है और वे आयोग के सीधे नियंत्रण में काम करेंगे।
चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर प्रवेश नियंत्रण को और सख्त करने की घोषणा की है, जिसके तहत केवल ईसीआईएनईट प्रणाली के माध्यम से जारी किए गए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्रों के जरिए ही प्रवेश अनिवार्य होगा। अधिकारी ने कहा, "मतगणना केंद्रों में प्रवेश केवल रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा जारी किए गए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्रों के आधार पर ही होगा।"

पोलिंग बूथ के अंदर मोबाइल पर प्रतिबंध

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में, आयोग ने मतगणना पर्यवेक्षक और रिटर्निंग ऑफिसर को छोड़कर सभी व्यक्तियों के लिए मतगणना कक्षों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, कंट्रोल यूनिट से प्राप्त नतीजों को दर्ज करने वाला फॉर्म 17C-II मतगणना एजेंटों की उपस्थिति में तैयार किया जाएगा और हस्ताक्षर के लिए उनके साथ साझा किया जाएगा। चुनाव आयोग ने आगे कहा कि सूक्ष्म पर्यवेक्षक क्रॉस-सत्यापन के लिए हर टेबल पर स्वतंत्र रूप से नतीजा दर्ज करेंगे।
आयोग ने कहा कि मतगणना प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और मतगणना पर्यवेक्षक चुनाव तंत्र के साथ मिलकर काम करेंगे।

टीएमसी ने लगाए गंभीर आरोप

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। टीएमसी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कोलकाता के 'खुदीराम अनुशीलन केंद्र' स्थित ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में पोस्टल बैलेट के साथ अवैध तरीके से छेड़छाड़ की जा रही है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि सुबह 4 बजे पोस्टल बैलेट के आठ बक्से लाए गए और उन्हें एक ऐसे कमरे में रखा गया जहां सीसीटीवी कवरेज नहीं है।

टीएमसी बूथ लेवल मीटिंग

टीएमसी ने 4 मई के लिए बूथ लेवल एजेंटों के साथ शनिवार को बैठक की। इस बैठक को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी ने संबोधित किया। इसमें पार्टी ने अपनी रणनीति बनाई, हालांकि मुख्य रणनीति का खुलासा नहीं किया गया। मीडिया से ममता बनर्जी के संबोधन को शेयर किया गया। ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अंतिम वोट गिने जाने तक डटे रहने को कहा। उन्होंने कहा कि अफवाह या भड़काने में किसी को नहीं आना है। 
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के आंकड़ों के फेर में पोलिंग एजेंटों को न पड़ने की सलाह दी। उन्होंने इसे 'मनोवैज्ञानिक खेल' करार दिया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एग्जिट पोल के आंकड़े पूरी तरह फर्जी हैं और इनका उद्देश्य केवल सोमवार को शेयर बाजार में कृत्रिम उछाल लाकर निवेशकों को गुमराह करना है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि एग्जिट पोल कुछ भी कहें, टीएमसी राज्य में 200 से अधिक सीटें जीतकर फिर से सत्ता में आएगी। ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं को मतगणना के दिन अंत तक डटे रहने और किसी भी अफवाह या दबाव में न आने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल केवल विपक्षी दलों का मनोबल गिराने की कोशिश है।