CJP के आशुतोष रांका का आरोप है कि कोलकाता के भारत सभा हॉल में कार्यक्रम रद्द करना पड़ा क्योंकि हॉल के मालिकों को बीजेपी नेताओं से धमकियां मिलीं। यह घटनाक्रम बंगाल में स्कूल ठीक करो अभियान के बीच हुआ है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी की वजह से कोलकाता में मंगलवार को आयोजित होने वाला उसका कार्यक्रम आखिरी समय में रद्द करना पड़ा। पार्टी का आरोप है कि कार्यक्रम स्थल के मालिकों को कथित तौर पर बीजेपी नेताओं की ओर से धमकियां दी गईं, जिसके बाद उन्होंने हॉल देने से इनकार कर दिया। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान चल रहा है और इस अभियान को लेकर कथित तौर पर सीजेपी के स्वयंसेवक के पिता की हत्या कर दी गई। इसी घटनाक्रम को लेकर आशुतोष रांका की टीम पश्चिम बंगाल पहुँची है।
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि उत्तर कोलकाता के भारत सभा हॉल में होने वाला पार्टी का 'मीट-अप' रद्द करना पड़ा। उनके मुताबिक, हॉल प्रबंधन ने कथित दबाव और धमकियों का हवाला देते हुए बुकिंग रद्द कर दी। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए दूसरे स्थान तलाशने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
युवाओं की आवाज़ से डर रही सरकार: रांका
रांका ने कहा कि, 'हमारा कोलकाता मीट-अप भारत सभा हॉल में होना था, लेकिन हॉल के मालिकों को बीजेपी नेताओं से धमकियां मिलने के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इसके बाद हमने छह अन्य हॉल से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने भी भारी दबाव का हवाला देते हुए जगह देने से इनकार कर दिया।' हालाँकि, इन आरोपों पर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आशुतोष रांका ने दावा किया कि कार्यक्रम रद्द होना इस बात का संकेत है कि उनकी पार्टी की गतिविधियों को लेकर राजनीतिक स्तर पर चिंता है। उन्होंने कहा, 'अगर हमारा कार्यक्रम रुकवाया जा रहा है तो इसका मतलब है कि हमारी आवाज से डर पैदा हो रहा है। हम बंगाल के लोगों से इस बार नहीं मिल पाएंगे, लेकिन जल्द ही इससे भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे।'
'स्कूल ठीक करो' अभियान जारी रहेगा
सीजेपी ने साफ़ किया है कि कार्यक्रम रद्द होने के बावजूद उसका 'स्कूल ठीक करो' अभियान पश्चिम बंगाल में जारी रहेगा।
सीजेपी का कहना है कि उसके स्वयंसेवक राज्य के सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे, वहां की स्थिति का आकलन करेंगे और जिन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, उन्हें ठीक कराने की मांग उठाते रहेंगे।
दिल्ली में भी रद्द हुआ था कार्यक्रम
सीजेपी ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है जब उसका कार्यक्रम आखिरी समय में रद्द हुआ हो। पार्टी के अनुसार, 13 अगस्त को दिल्ली में भी स्वयंसेवकों की एक बैठक एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित होनी थी, लेकिन कथित दबाव के कारण उसे बीच में ही रद्द कर दिया गया। बाद में वही बैठक पास के एक सार्वजनिक पार्क में आयोजित की गई थी।
अब्दुल हफीज़ मामले के बाद बढ़ा विवाद
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो' अभियान पहले से चर्चा में है। पार्टी का आरोप है कि उसके स्वयंसेवक अब्दुल हफीज़ ने बांकुड़ा जिले के एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया था। उसी रात कुछ लोगों ने उनके घर पर हमला किया। इस हमले में उनके पिता शेख मुहम्मद माफिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।सीजेपी का आरोप है कि हमले में शामिल लोग बीजेपी से जुड़े थे। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम
माफिक की मौत के बाद सीजेपी ने पश्चिम बंगाल सरकार और जिला प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी ने मांग की है कि हमले के सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच हो, स्थानीय पुलिस की भूमिका की न्यायिक या कोर्ट की निगरानी में जांच हो और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
सीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बांकुड़ा जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय का घेराव करेगी और राज्यभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।मुआवजे के बजाय स्कूल बनाने की मांग
पार्टी के अनुसार, मृतक माफिक के बेटे अब्दुल हाफीज़ ने सरकार की ओर से किसी भी आर्थिक सहायता या मुआवजे को स्वीकार करने से इनकार किया है। बताया गया है कि उन्होंने मांग की है कि उनके पिता की स्मृति में उनके गांव में एक स्कूल बनाया जाए, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
फिलहाल सीजेपी का कहना है कि वह अपने अभियान और आंदोलन को जारी रखेगी तथा पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूलों की स्थिति और अब्दुल हाफीज़ के परिवार को न्याय दिलाने के मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।