सीजेपी ने कहा है कि बंगाल में इसके वॉलंटियर शेख़ अब्दुल हाफ़ीज़ के घर में घुसकर तब हमला किया गया जब उन्होंने 'स्कूल ठीक करो' के तहत एक सरकारी स्कूल के ऑडिट की मांग की थी। हमले में हाफ़ीज़ के पिता मुहम्मद माफ़िक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
कॉकरोच जनता पार्टी ने 'स्कूल ठीक करो' अभियान में जुटे पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में अपने एक स्वयंसेवक के परिवार पर हुए कथित हमले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि 'स्कूल ठीक करो' अभियान में शामिल उसके वॉलंटियर शेख अब्दुल हाफीज़ के घर पर हमला किया गया, जिसमें उनके पिता मुहम्मद माफ़िक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई। सीजेपी ने मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सीजेपी के अनुसार 25 वर्षीय शेख अब्दुल हाफीज़ ने 13 अगस्त को अपने गांव के सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण पार्टी के देशव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की स्थिति का सोशल ऑडिट करना और बुनियादी सुविधाओं की कमी को सामने लाना है।
पार्टी का आरोप है कि उसी शाम बांकुड़ा जिले के करिसुंदा इलाके में कुछ लोग हथियारों के साथ हाफीज़ के घर पहुंचे और हमला कर दिया। सीजेपी का आरोप है कि हमलावर स्थानीय बीजेपी से जुड़े थे। हालाँकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और बीजेपी की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
'माफी का वीडियो बनाने का दबाव'
सीजेपी के बयान के मुताबिक, अस्पताल से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में शेख अब्दुल हाफीज़ ने दावा किया कि स्कूल के एक शिक्षक ने उनके निरीक्षण की जानकारी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को दी थी।
सीजेपी का आरोप है कि हमलावरों ने हाफीज़ पर दबाव बनाया कि वह एक वीडियो रिकॉर्ड करें, जिसमें यह कहें कि उन्होंने स्कूल की बदहाली को बाहरी लोगों के कहने पर मुद्दा बनाया था और इसके लिए माफी मांगें। सीजेपी का कहना है कि जब हाफीज़ ने ऐसा करने से इनकार किया तो उनके परिवार पर हमला किया गया।सीजेपी के अनुसार हमले में शेख अब्दुल हाफीज़ की गर्दन पर गंभीर चोट आई, जबकि उनके पिता मुहम्मद माफ़िक के सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई। सीजेपी का कहना है कि हमले के बाद सुरक्षा कारणों से हाफीज़ को कोलकाता जाना पड़ा।
अभिजीत दिपके ने क्या कहा?
सीजेपी के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने कहा कि पार्टी इस घटना से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम डरेंगे नहीं और न ही चुप बैठेंगे। बेहतर सरकारी स्कूलों के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सीजेपी अब्दुल और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हम मुहम्मद माफ़िक की मौत के जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। हमारी टीम पश्चिम बंगाल जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश करेगी।'पार्टी प्रवक्ता ने लगाया गंभीर आरोप
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने एएनआई से कहा, 'अब्दुल का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने गांव के सरकारी स्कूल का सोशल ऑडिट करना चाहता था। अगर किसी नागरिक को स्कूल की बदहाली पर सवाल उठाने की वजह से पीटा जाता है और उसके पिता की जान चली जाती है, तो यह बेहद गंभीर मामला है।' उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
सीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआती हमले के बाद न तो मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया और न ही प्राथमिकी दर्ज की गई।
पार्टी ने मांग की है कि हमले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मुहम्मद माफ़िक की मौत की परिस्थितियों की जांच हो, यदि कानूनी प्रक्रिया में लापरवाही हुई है तो उसकी भी जांच की जाए, आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और शेख अब्दुल हाफीज़ और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
सीजेपी ने बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का एक प्रतिनिधिमंडल, सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल जाएगा। प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगा और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा।
'स्कूल ठीक करो' अभियान क्या है?
अभिजीत दिपके ने हाल ही में 'स्कूल ठीक करो' अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे अपने आसपास के सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करें, वहां की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का आकलन करें और कमियों को सार्वजनिक करें ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए दबाव बनाया जा सके।हाल के दिनों में देश के कई राज्यों से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, खराब शौचालय, पीने के पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर छात्रों और अभिभावकों के विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।
फिलहाल इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बीजेपी ने भी सीजेपी के आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की साफ़ तस्वीर सामने आ सकेगी।