बंगाल में बीजेपी की भारी जीत के बाद शुरू हुई हिंसा के बीच अब कोलकाता में मांस की दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया है। शहर के न्यू मार्केट में यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही तृणमूल कार्यालय पर हमला भी किया गया। यह कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि एक भीड़ ने यह कारनामा किया। तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया है कि बीजेपी समर्थकों ने कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में बुलडोजर चलाकर कई मांस की दुकानों को तोड़ दिया। TMC ने इसे ‘गुंडागर्दी’ बताया है। इससे पहले बीजेपी पर डायमंड हार्बर, आसनसोल, जलपाईगुड़ी, बैरकपुर, दिनहाटा सहित पूरे राज्य में टीएमसी कार्यालयों और कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोप लगे हैं। हिंसा में अब तक कम से कम चार लोगों के मारे जाने की ख़बर है।
टीएमसी का कहना है कि कोलकाता में बुलडोजर चलाने की यह घटना मंगलवार रात 'विजय जश्न' के दौरान हुई। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल यानी CAPF मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

TMC का हमला

टीएमसी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बीजेपी का ‘परिवर्तन’ आ गया है और वो बुलडोजर के साथ आया है। बीजेपी समर्थकों की भीड़ ने न्यू मार्केट के पास दुकानों को तोड़ा और तृणमूल कांग्रेस के ऑफिस पर हमला किया।" टीएमसी ने एक वीडियो भी शेयर किया और लिखा- “यह उस पार्टी का जश्न है जो ‘भरोसा’ की बात करती थी, लेकिन ‘आतंक’ दे रही है।”
टीएमसी राज्‍यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने लिखा, “सेंट्रल कोलकाता, न्यू मार्केट के पास। पुलिस की अनुमति से बुलडोजर लाकर मांस की दुकानें तोड़ी गईं। CAPF खड़े-खड़े देख रहे थे। यह है बीजेपी। पूरी दुनिया देख ले।” टीएमसी ने कहा कि चुनाव से पहले नारा था– 'भय हटाओ, भरोसा लाओ' और अब चुनाव के बाद नारा हो गया है- 'भरोसा हटाओ, बुलडोजर लाओ'। पार्टी ने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था के लिए खतरनाक मिसाल बताया।

बीजेपी हिंसा के समर्थन में नहीं: प्रदेश अध्यक्ष

बीजेपी ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि वे किसी भी तरह की हिंसा या बदले की कार्रवाई के समर्थन में नहीं हैं। समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'हम पुलिस और सुरक्षा बलों से अपील करते हैं कि जश्न के नाम पर शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करें।' एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इलाके में बीजेपी की जीत का जश्न था, पुलिस और केंद्रीय बल मौजूद थे, लेकिन कोई अनहोनी घटना नहीं हुई।
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चुनाव आयोग सख्त, पर असर क्यों नहीं?

इस घटना के बीच चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि 'पोस्ट-पोल हिंसा पर जीरो टॉलरेंस' है। नतीजों के बाद किसी भी तरह की धमकी, बदला या झड़प बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने निर्देश दिया, 'सभी नागरिकों, खासकर कमजोर समूहों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती रखें। कोई भी व्यक्ति या गुट खुद कानून हाथ में न ले। जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे और जवाबदेही तय करे।'

चुनाव आयोग ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सिर्फ मतदान और गिनती तक सीमित नहीं है, नतीजों के बाद भी शांति बनी रहनी चाहिए। हालाँकि, चुनाव आयोग और बीजेपी नेता द्वारा हिंसा नहीं करने के निर्देश और दावे के बावजूद कई जगहों पर हिंसा जारी रही।

टीएमसी कार्यालय रहे निशाने पर

चुनाव नतीजे आने के बाद से ही टीएमसी के कार्यालय और कार्यकर्ता निशाने पर हैं। पिछले दो दिनों में कोलकाता के टॉलीगंज, कासबा, रूबीमोर इलाकों में टीएमसी कार्यालयों में तोड़फोड़ हुई। जामुड़िया में टीएमसी कार्यालय में आग लगा दी गई। बारुईपुर, कमरहाटी, बरानगर, हावड़ा, बहरामपुर आदि जगहों पर हमले। पार्टी ने दावा किया है कि बाली में और डायमंड हार्बर के फलता में दफ़्तर में तोड़-फोड़ की गई। आसनसोल, वर्द्धमान, सिलीगुड़ी, हावड़ा और नादिया में भी बीजेपी के दफ़्तरों में तोड़फोड़ व आगजनी की ख़बरें हैं।
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इसके अलावा जलपाईगुड़ी, आसनसोल, बैरकपुर, दिनहाटा आदि में सोमवार को गिनती केंद्रों के पास झड़पें हुईं। टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के कार्यालय पर भी भीड़ ने हमला किया। इटहर विजेता मोशारफ हुसैन पर कार से हमला कर शीशे तोड़ दिए गए, उनको चोट आई।

मंगलवार को टीएमसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि भाजपा के झंडा लगाए गुंडे घर-घर जाकर नॉन-वेज शॉप और बिरयानी वाले दुकानदारों को धमकी दे रहे हैं कि दुकान बंद कर दो, नाम मिटा दो। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर रोका नहीं गया तो वे खाने-पीने पर भी पाबंदी लगाने की कोशिश करेंगे।

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बहरहाल, बीजेपी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीतकर भारी जीत हासिल की और टीएमसी की 15 साल पुरानी सरकार का अंत कर दिया। चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं, खासकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘बुलडोजर न्याय’ का नारा दिया था। अब टीएमसी इस नारे को लेकर बीजेपी पर हमलावर है और कह रही है कि जीत के जश्न में बुलडोजर का इस्तेमाल उसी नारे को साबित करता है।

स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर हैं, पर हिंसा रुकती नहीं दिख रही है।