Mamata Banerjee on Resignation: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वो इस्तीफा नहीं देंगी। टीएमसी चुनाव नहीं हारी है। बीजेपी और चुनाव आयोग ने मिलकर हराया। उन्होंने कहा कि वो इंडिया गठबंधन को और मजबूत करेंगी।
ममता बनर्जी मंगलवार 5 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में।
ममता बनर्जी ने मंगलवार को 2026 विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी टीएमसी की हार के बावजूद इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि उसने “नैतिक जीत” हासिल की है। चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, हिंसा और संस्थागत पक्षपात हुआ है।
मेरे इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं है। मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। हम चुनाव नहीं हारे हैं। -ममता बनर्जी, टीएमसी प्रमुख
ममता की मंगलवार 5 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने सबसे तीखा हमला चुनाव आयोग (ईसी) पर बोला। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से थी। बीजेपी ने चुनाव आयोग के जरिए पूरी योजना बनाई। यह लोकतंत्र की निर्मम हत्या है।” उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई। कहा- “90 लाख नाम हटा दिए गए। फाइनल रिपोर्ट में 27 लाख काट दिए गए। कोर्ट जाने पर 32 लाख नाम बहाल हुए। ये सब क्या था।”हिंसा और धमकियों के आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार और मतगणना के दौरान व्यापक हिंसा और डराने-धमकाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पहले राउंड के बाद मीडिया ने बीजेपी को बढ़त दिखानी शुरू की, उसके बाद बीजेपी के लोग बूथों में घुसकर हमारे कार्यकर्ताओं को पीटने लगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि “बीजेपी और गुंडों ने मिलकर अत्याचार किया, पुलिस निष्क्रिय रही और एससी-एसटी परिवारों तक को निशाना बनाया गया।” महिलाओं को धमकियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “उन्हें कहा था- हम तुम्हारा रेप करेंगे।”केंद्रीय बलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “यह जवान वाहिनी है या गुंडा वाहिनी? मैंने ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा।”
खुद पर हमले का दावा
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि मतगणना के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा, “मुझे स्वतंत्र रूप से घूमने नहीं दिया गया। मेरे पेट और पीठ पर लात मारी गई और मुझे काउंटिंग सेंटर से बाहर निकाल दिया गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि सीआरपीएफ कर्मियों ने उनके पार्टी एजेंटों को अंदर जाने से रोका। “हम शिकायत किससे करें? सब खरीदे हुए हैं।” ममता बनर्जी ने मीडिया के एक वर्ग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पहले राउंड के बाद मीडिया ने बीजेपी को बढ़त दिखानी शुरू कर दी, जिससे माहौल प्रभावित हुआ और उसके बाद हिंसा शुरू हुई।”ममता बनर्जी ने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविन्द केजरीवाल, उपाध्याय ठाकरे, हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं ने फोन कर समर्थन जताया। उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंघन मेरे साथ है। इंडिया गठबंधन को और मजबूत करूंगी। अखिलेश यादव कल (बुधवार) मिलने आ रहे हैं।”
मुझे भवानीपुर में लात मारी गईः ममता
ममता बनर्जी ने एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान भवानीपुर केंद्र में उनके साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और "पेट और पीठ के पीछे लात मारी गई।" उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया और इसकी जांच की मांग की।
‘हम वापसी करेंगे’
हार के बावजूद ममता बनर्जी ने संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- “हमने शेर की तरह लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे। हम वापसी करेंगे।” उन्होंने कहा- “मुझे कुर्सी की चिंता नहीं, मुझे लोगों की चिंता है।” फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन
टीएमसी ने चुनाव बाद हिंसा की जांच के लिए 10 सदस्यीय कमेटी बनाई है। ममता बनर्जी ने कहा, “यह टीम उन जगहों का दौरा करेगी जहां हमारे कार्यालयों पर कब्जा हुआ या हिंसा हुई।” उन्होंने यह भी बताया कि अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।बीजेपी को चेतावनी
ममता बनर्जी ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा, “जब आप केंद्र में सत्ता में नहीं होंगे, तब आपको भी यही सब झेलना पड़ सकता है। इतिहास खुद को दोहराएगा।” उन्होंने सवाल उठाया, “क्या आप एक-दलीय शासन चाहते हैं? क्या कोई विपक्ष नहीं होना चाहिए?”मतदाताओं का आभार
अंत में उन्होंने मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा, “मैं ‘मां, माटी, मानुष’ का आभार व्यक्त करती हूं। जिन्होंने हमें वोट दिया और जो वोट नहीं डाल पाए, उनसे हम माफी चाहते हैं।” उन्होंने दोहराया, “हमने इंच-इंच लड़ाई लड़ी। हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से थी।” गौरतलब है कि हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जिससे राज्य की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ममता बनर्जी के ये आरोप आने वाले दिनों में राजनीतिक विवाद को और तेज कर सकते हैं।