पश्चिम बंगाल चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी की हार के रूप में हुआ है। उनके ख़िलाफ शुभेंदु अधिकारी 15105 वोटों से जीत गए। पिछले चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता को हरा दिया था। भवानीपुर में हार की घोषणा से पहले ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव में बीजेपी की जीत को 'लूट' क़रार दिया है। बीजेपी की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा ने 100 से ज्यादा सीटें लूट ली हैं'। उन्होंने इस जीत को अनैतिक बताया है और कहा है कि तृणमूल कांग्रेस भविष्य में वापसी करेगी। 

ममता बनर्जी ने कहा, 'यह पूरी तरह गैरकानूनी है। मैंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत कर दी है।' उन्होंने आरोप लगाया कि गिनती के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया था। ममता बनर्जी करीब साढ़े चार घंटे अपने विधानसभा चुनाव क्षेत्र भवानीपुर में गिनती केंद्र में रहने के बाद अपने घर लौटीं। वहां से निकलते समय कुछ भाजपा समर्थकों ने उनके खिलाफ नारे लगाए।

चुनाव आयोग पर TMC का गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा, 'चुनाव आयोग ने निष्पक्षता का एक छोटा हिस्सा भी पालन नहीं किया। गिनती को जानबूझकर लंबा खींचा गया और अब स्पष्ट जीत वाली सीटों पर भी प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं।' डायमंड हार्बर, मगराहाट पूर्व, मगराहाट पश्चिम, कुलपी, रायदीघी, पाथरप्रतिमा, बसंती, बर्धमान उत्तर जैसी सीटों के नतीजों पर आपत्ति जताई गई।
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अभिषेक बनर्जी का बयान

ममता बनर्जी के बयान आने से पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा था, 'लोगों का फ़ैसला सबको स्वीकार करना चाहिए। लेकिन गिनती की प्रक्रिया असामान्य रूप से धीमी रही। 2021 में 8.5 घंटे में 90% गिनती हो जाती थी, इस बार इतने समय में सिर्फ 6-8 राउंड हुए। मैं सभी TMC काउंटिंग एजेंट्स से अपील करता हूं कि वे किसी भी हालत में गिनती केंद्र से न हटें। कई जगहों पर मीडिया को नतीजे भी नहीं बताए जा रहे। बर्धमान दक्षिण में TMC की जीत हो चुकी है फिर भी रिकाउंटिंग कराई जा रही है। कल्याणी में कम से कम 8 EVM में कंट्रोल यूनिट का डेटा फॉर्म 17C से मैच नहीं कर रहा।'

आसनसोल में टीएमसी कार्यालयों पर हमले

चुनाव नतीजों के बाद आसनसोल में पोस्ट-पोल हिंसा देखी गई। तृणमूल कांग्रेस के दो पार्टी दफ्तरों पर हमला किया गया। एक दफ्तर शहर बस स्टैंड के पास और दूसरा गोदुली मोड़ के पास है। 'बदमाशों' ने पहले तोड़फोड़ की और फिर दोनों दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया। इलाके में तनाव फैल गया है। TMC नेताओं ने इन हमलों के पीछे भाजपा का हाथ बताया है।
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महिला आरक्षण रोकने की सज़ा दी: PM

इधर, बीजेपी की जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी कार्यालय में संबोधन में कहा कि वोटरों ने विपक्षी पार्टियों को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के लिए आरक्षण के मुद्दे पर अपने रुख़ के कारण तृणमूल कांग्रेस यानी TMC, DMK और कांग्रेस को 'सज़ा' मिली है। उन्होंने कहा, 'माताओं, बहनों और बेटियों ने संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण बिल को रोकने के लिए TMC, DMK और कांग्रेस को सज़ा दी है।'

पीएम ने कहा, 'केरलम में लेफ्ट के 10 सालों के कुशासन का फायदा कांग्रेस को जरूर मिला है। लेकिन मुझे विश्वास है कि केरलम की बहनें भी अगले चुनावों में कांग्रेस को सबक जरूर सिखाएंगीं। जिस समाजवादी पार्टी ने संसद में महिला आरक्षण को रोका है, उसे भी उत्तर प्रदेश की महिलाओं का विरोध सहना पड़ेगा। महिला विरोधी समाजवादी पार्टी कुछ भी कर ले, लेकिन अपने पाप को कभी धो नहीं पाएगी।'
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क्यों हारी TMC?

चुनावी नतीजों से साफ है कि बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी थी। शहरों के मतदाता भी टीएमसी शासन से खुश नहीं थे। टीएमसी ने चुनाव में बंगाली अस्मिता का मुद्दा उठाया और भाजपा को ‘बाहर वाले’ बताया। लेकिन भाजपा ने उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत रखी। इसने टीएमसी के कई गढ़ों में बड़ी सेंध लगाई।

बंगाल में मौजूदा स्थिति

बीजेपी 208 से सीटों पर जीतती दिख रही है, जबकि TMC दो अंकों की संख्या 79 पर सिमटती दिख रही है। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी इस नतीजे को स्वीकार करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। TMC का कहना है कि वह भविष्य में मजबूती से वापसी करेगी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में अभी तनाव और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।