पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रचंड जीत और सूबे में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद से तृणमूल कांग्रेस (TMC) में मची राजनीतिक उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी अब तक के अपने सबसे गंभीर संगठनात्मक संकट से गुजर रही है। पार्टी के भीतर असंतोष, शीर्ष नेताओं की बगावत और स्थानीय निकायों से पार्षदों का सामूहिक इस्तीफा इस संकट को और गहरा कर रहा है।

काकोली घोष दस्तीदार का सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा

टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी की सबसे पुरानी और भरोसेमंद सहयोगियों में से एक, बारासात से चार बार की लोकसभा सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से बुधवार को इस्तीफा दे दिया है। सबसे पहले उन्होंने बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद छोड़ा था और इसके ठीक एक दिन बाद मंगलवार को वे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुईं। बुधवार को उन्होंने टीएमसी के सभी सांगठनिक पदों से अपना इस्तीफा ममता बनर्जी को भेज दिया।
हाल ही में टीएमसी ने उन्हें लोकसभा में मुख्य सचेतक (Chief Whip) के पद से हटाकर उनकी जगह कल्याण बनर्जी को नियुक्त किया था, जिसके बाद काकोली ने तंज कसते हुए एक्स पर लिखा था, "आज मुझे चार दशकों की वफादारी का इनाम मिला है।"
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I-PAC और नेतृत्व पर साधा निशाना

अपने इस्तीफे में काकोली घोष दस्तीदार ने चुनावी सलाहकार एजेंसी 'I-PAC' को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि I-PAC जैसी बाहरी और अस्थायी एजेंसियों पर अत्यधिक निर्भरता ने पार्टी को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। उन्होंने राज्य में बढ़ रहे अपराध और भ्रष्टाचार पर भी गहरी चिंता जताई। हालांकि, उन्होंने ममता बनर्जी को एक भावुक संदेश देते हुए एक्स पर लिखा, "नेता, कमान संभालिए।"

शुभेंदु अधिकारी की बैठक में टीएमसी के 6 विधायक और सांसद

नदिया जिले के कल्याणी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में सांसद काकोली घोष दस्तीदार के अलावा टीएमसी के 6 मौजूदा विधायकों ने भी हिस्सा लिया। इन विधायकों में शामिल हैं: अनीसुर रहमान, बुरहान-उल-मुकद्दीन,  बीना मंडल, सुरजीत मित्रा, उषारानी मंडल और अब्दुल मतीन।
यह बैठक कुल 57 विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी, जिनमें से 50 सीटों पर इस बार बीजेपी ने जीत दर्ज की है। यद्यपि इन सभी नेताओं ने इसे केवल एक "प्रशासनिक बैठक" बताया और कहा कि वे जनहित के काम के लिए आए थे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे टीएमसी के खिलाफ सीधे विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने काकोली के इस कदम की सराहना करते हुए कहा, "जब हम विपक्ष में थे, हमें कभी प्रशासनिक बैठकों में नहीं बुलाया जाता था। लेकिन हमारी सरकार ने तय किया है कि सभी जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाए और बारासात सांसद ने पॉजिटिव प्रतिक्रिया दी है।"

अन्य शीर्ष नेताओं के बागी सुर

पार्टी के भीतर विद्रोह केवल जमीनी स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि शीर्ष स्तर पर भी दरारें साफ दिख रही हैं:
शुखेंदु शेखर रॉय का हमला: टीएमसी के राज्यसभा सांसद शुखेंदु शेखर रॉय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 4 मई को हुए सत्ता परिवर्तन की तारीफ करते हुए लिखा, "15 मई से पहले, पश्चिम बंगाल की जनता ने एक असहनीय और अराजक स्थिति का अंत कर दिया।"
स्पीकर के कमरे में गुप्त बैठक: टीएमसी के दो विधायकों रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने बीजेपी से विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) रथींद्र बोस के चैंबर में बंद कमरे में एक "सौजन्य" बैठक की, जिससे उनके भी पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई हैं।
कोलकाता नगर निगम में तनाव: ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई एक बैठक में कोलकाता नगर निगम (KMC) के टीएमसी सदस्य तारक सिंह ने शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, कोलकाता के मेयर फरहाद हकीम के भी इस्तीफा देने की अटकलें जोरों पर हैं। दरअसल, केएमसी द्वारा ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से जुड़ी 17 संपत्तियों को डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) नोटिस भेजे जाने के बाद से फरहाद हकीम और अभिषेक बनर्जी के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है।

पार्षदों का सामूहिक पलायन और निकायों में 'सन्नाटा'

शुभेंदु अधिकारी सरकार द्वारा स्थानीय निकायों के पिछले कामकाज और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के आदेश देने के बाद टीएमसी पार्षदों में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के आरोपों में कई पार्षदों की गिरफ्तारी के बाद अब तक 11 नगर निकायों से लगभग 127 टीएमसी पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है।
  • भाटपारा नगर पालिका: 35 में से 30 पार्षदों ने चेयरपर्सन रेबा राहा के साथ इस्तीफा दे दिया।
  • हालिशहर नगर पालिका: 23 में से 16 पार्षदों ने पद छोड़ा।
  • कांचरापाड़ा नगर पालिका: 14 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया।
इसके अलावा, 23 मई को दक्षिण दमदम के प्रभावशाली टीएमसी पार्षद संजय दास का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप थे। इस घटना ने पार्टी कार्यकर्ताओं के भीतर डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार ढूंढने में असमर्थ टीएमसी

पार्टी की अंदरूनी कमजोरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुभेंदु अधिकारी द्वारा खाली की गई नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए टीएमसी को कोई उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। खबरों के अनुसार, पार्टी के दो बड़े स्थानीय नेताओं ने इस सीट से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव को सीधे ठुकरा दिया है। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने के बाद नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी।

ममता बनर्जी पर एफआईआर

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक असहिष्णुता फैलाने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह ने 20 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के बयान उकसावे भरे और असंवैधानिक थे। आरोप है कि मार्च 2025 में कोलकाता के रेड रोड पर ईद समारोह के दौरान दिए गए भाषण में ममता बनर्जी ने कथित तौर पर सनातन धर्म को "गंदा धर्म" कहा था। शिकायत में एक अन्य बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर एक समुदाय के बारे में कहा कि वह चाहे तो पांच मिनट में दूसरों को "खत्म" कर सकता है। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें सांप्रदायिक दुश्मनी फैलाने, धार्मिक भावनाएं आहत करने, अपमान और आपराधिक धमकी संबंधी धाराएं शामिल हैं।

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1998 में कांग्रेस से अलग होकर ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई तृणमूल कांग्रेस के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है। जहां एक तरफ पार्टी के विधायक और सांसद खुलेआम बीजेपी सरकार के कार्यक्रमों में जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर के नेताओं का सामूहिक इस्तीफा पार्टी के अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है। मानसून के दस्तक देने से ठीक पहले नगर पालिकाओं में कामकाज ठप हो चुका है और टीएमसी पूरी तरह बिखरती नजर आ रही है।