इसराइल हमलों में अली लारिजानी की मौत के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका और इसराइल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका और इसराइल को कड़ा संदेश दिया है कि अली लारिजानी की हत्या से ईरान विचलित नहीं होगा। उन्होंने साफ़ साफ़ कह दिया कि अमेरिका और इसराइल यह न सोचे कि ईरान के पास नेतृत्व की कमी है। अल जजीरा के साथ इंटरव्यू में अरागची ने कहा कि हम जान देने से हिचकिचाते नहीं हैं।
अरागची का यह बयान तब आया है जब इसराइल ने ईरान के सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी की हत्या कर दी है। लारिजानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी थे और सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद वे ईरान के प्रमुख नेता की तरह काम कर रहे थे। 17 मार्च को इसराइल ने तेहरान के पास एक सटीक हमले में उन्हें मार गिराया। इस हमले में उनके बेटे मोर्तजा लारिजानी, उनके डिप्टी अलिरेजा बयात और कुछ गार्ड भी मारे गए। एक अलग हमले में बसिज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर घोलामरेजा सुलेमानी को भी मार दिया गया। इसराइल की सेना आईडीएफ़ ने इसका दावा किया और ईरान ने भी मंगलवार रात को इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
लारिजानी की मौत पर क्या बोले अरागची?
अरागची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि लारिजानी की मौत से ईरान की राजनीतिक व्यवस्था हिलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता अमेरिका और इसराइल अभी तक यह बात क्यों नहीं समझे कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की राजनीतिक संरचना बेहद मज़बूत है। यहाँ मज़बूत राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थाएं हैं। किसी एक व्यक्ति की मौजूदगी या अनुपस्थिति से इस संरचना पर कोई असर नहीं पड़ता।'अरागची ने आगे कहा, 'व्यक्ति अहम होते हैं, लेकिन सिस्टम बहुत ठोस है। सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद भी सिस्टम चला और तुरंत उनकी जगह लेने वाला आ गया। अगर कोई और शहीद होता है तो भी यही होगा। हम अपनी जान देने से नहीं हिचकिचाते।' ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी सख्त रुख अपनाया है। अरागची ने कहा,
यह हमारा पड़ोसी जलमार्ग है। हम दुश्मनों को इसका इस्तेमाल नहीं करने देंगे। युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नया प्रोटोकॉल बनाना होगा। अब्बास अरागची
विदेश मंत्री, ईरान
अरागची ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि इसराइल ने उन्हें इस युद्ध में खींचा। उन्होंने कहा, 'अमेरिका को पता नहीं उनका अंतिम लक्ष्य क्या है। कभी रिजीम चेंज, कभी ईरान को बांटना, कभी बिना शर्त सरेंडर। यह सब गलत आकलन पर आधारित था। अब वे मुश्किल में हैं और होर्मुज खोलने के लिए दूसरों से मदद मांग रहे हैं। अमेरिका ने यह युद्ध शुरू किया और अपनी ग़लती मानकर आक्रमण बंद करना चाहिए।'
अब्बास अरागची का कहना है कि हम युद्धविराम में विश्वास नहीं रखते, हम युद्ध को समाप्त करने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि 'और युद्ध को समाप्त करने का ठीक यही अर्थ है- सभी मोर्चों पर युद्ध का खात्मा। युद्ध का मुद्दा हमेशा के लिए सुलझ जाए, और हम पूरे क्षेत्र में शांति देखें- लेबनान में, यमन में, इराक में, ईरान में और अन्य देशों में।'
यह युद्ध 28 फ़रवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इसराइल ने संयुक्त हमले में सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत कई बड़े नेताओं को मार दिया था। तब से ईरान और इसराइल- अमेरिका के बीच लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। लारिजानी खामेनेई की मौत के बाद युद्ध के दौरान ईरान के मुख्य नेता बन गए थे।
ईरानी सेना ने बदला लेने की ठानी
इस हत्या के जवाब में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने बदला लेने की ठानी है। आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि 'शहीद के खून से हमारी ताक़त बढ़ेगी। हम वैश्विक अत्याचार और अंतरराष्ट्रीय जियोनिज्म के ख़िलाफ़ बदला ज़रूर लेंगे।' ईरान ने लारिजानी की मौत की ख़बर आने के तुरंत बाद इसराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। आईआरजीसी ने कहा कि उन्होंने तेल अवीव में 100 से ज्यादा टारगेट पर हमला किया। इसके अलावा अल-कुद्स, हाइफा, बियर शेवा और नेगेव डेजर्ट के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया गया।इसराइल ने जवाबी कार्रवाई में तेहरान में ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खतीब को निशाना बनाया। ईरान की तरफ से बदले की कार्रवाई जारी है और क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इस युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और मध्य पूर्व की शांति ख़तरे में है।