अमेरिका ने तीन दिनों में लगातार तीसरा तेल टैंकर जब्त किया है, और समुद्र पर दावा किया है। इससे समुद्री नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय कानून पर बहस छिड़ गई है।
घोस्ट टैंकर पर अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में एक और तेल टैंकर 'ओलिना' को जब्त कर लिया है। अमेरिकी दक्षिणी कमांड ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें वह वेनेजुएला से आने-जाने वाले प्रतिबंधित जहाजों पर नकेल कस रहा है।
यह तीसरा टैंकर है, जो वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद तीन दिनों में जब्त किया गया है। इससे पहले बुधवार को अमेरिकी सेना ने दो टैंकर जब्त किए थे। इसमें एक रूसी झंडे वाला 'मैरिनेरा' यानी बेला-1 टैंकर था और दूसरा 'एम/टी सोफिया'। एक महीने में यह पाँचवें टैंकर पर कार्रवाई है। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने तीसरे टैंकर पर इस ऑपरेशन का अनक्लासिफाइड वीडियो शेयर किया है। वीडियो में अमेरिकी कोस्ट गार्ड और नेवी के जवान हेलीकॉप्टर से टैंकर पर उतरते और कब्जा करते दिख रहे हैं।
क्रिस्टी नोएम ने कहा, "दुनिया के अपराधियों को चेतावनी है। सुबह-सुबह कोस्ट गार्ड ने कैरिबियन के पूर्वी अंतरराष्ट्रीय पानी में मोटर टैंकर ओलिना को जब्त किया। यह 'घोस्ट फ्लीट' का जहाज था, जो वेनेजुएला से निकला था और अमेरिकी सेना से बचने की कोशिश कर रहा था। हम कोस्ट गार्ड की इस बहादुरी पर गर्व करते हैं। यह समुद्र पर कब्जा है।" घोस्ट फ्लीट से मतलब ऐसे जहाज से है जो पहले प्रतिबंधित हो गया हो और नाम बदलकर या गुप्त तरीक़े से चलाया जा रहा हो।
नोएम ने कहा कि डिफेंस, स्टेट और जस्टिस डिपार्टमेंट के साथ मिलकर यह ऑपरेशन कानूनी तरीके से किया गया। उन्होंने कहा, 'घोस्ट फ्लीट न्याय से नहीं बच पाएंगे। कोस्ट गार्ड प्रतिबंधित टैंकरों को जब्त करना जारी रखेगा, अंतरराष्ट्रीय कानून लागू करेगा और नार्को-टेररिज्म जैसे अपराधों से जुड़े अवैध फंडिंग को रोकेगा।'
ओलिना टैंकर क्या है
ओलिना पहले 'मिनर्वा एम' नाम से जाना जाता था। रूसी तेल ले जाने के लिए इस पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया था। बाद में यह टीमोर-लेस्टे फ्लैग के तहत 'घोस्ट फ्लीट' के रूप में चल रहा था। जहाज वेनेजुएला से निकला था और आरोप है कि प्रतिबंधित वेनेजुएला का तेल ले जा रहा था।
पहले रूस ले जा रहे टैंकर पर हुई थी कार्रवाई
बुधवार को जब्त किया गया रूसी झंडे वाला 'मैरिनेरा' दो हफ्तों से ज्यादा समय तक अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा पीछा किया जा रहा था। यह उत्तर अटलांटिक में आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच पकड़ा गया। ब्रिटेन ने हवाई निगरानी और नेवी शिप से मदद की। रूस ने इसका विरोध किया। रूस के ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने कहा कि किसी देश को दूसरे देश के रजिस्टर्ड जहाज पर बल प्रयोग का हक नहीं है। इस जहाज पर 28 क्रू मेंबर्स थे, जिनमें कम से कम 3 भारतीय थे। उसी दिन 'एम/टी सोफिया' नाम का एक और टैंकर जब्त किया गया, जिस पर अवैध गतिविधियों का आरोप था।ट्रंप प्रशासन की बड़ी रणनीति
ट्रंप प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक ऑपरेशन में पकड़ा है। अब अमेरिका वेनेजुएला के तेल उत्पादों के वैश्विक वितरण को नियंत्रित करना चाहता है। ओलिना पांचवां टैंकर है, जो इस अभियान में एक महीने में जब्त किया गया है।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई नार्को-टेररिज्म और अवैध फंडिंग रोकने के लिए है। लेकिन रूस और अन्य देश इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बता रहे हैं। यह घटना वैश्विक तेल बाजार और अमेरिका-रूस-वेनेजुएला संबंधों पर बड़ा असर डाल रही है। अमेरिका ने कहा है कि वह आगे भी ऐसे ऑपरेशन जारी रखेगा।