म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से बड़ी खबर आ रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ब्लूमबर्ग से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के साथ सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि यूएस दूसरी तरफ एक हफ्ते तक युद्ध की तैयारी भी कर रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई और यूएस राष्ट्रपति ट्रंप
पश्चिमी मीडिया आए दिन बता रहा है कि अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है। फिर शनिवार को खबर आई कि अमेरिका ने ईरान से कम से कम एक हफ्ते तक युद्ध की तैयारी कर ली है। लेकिन अब म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से बड़ी खबर आई है। अमेरिकी के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वहां ब्लूमबर्ग को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई मिलने को तैयार हैं। रुबियो ने कहा कि "ट्रंप किसी से भी मिलने के लिए तैयार रहने वाले राष्ट्रपति" हैं।
जब रुबियो से पूछा गया कि क्या ट्रंप अयातुल्लाह खामनेई से मिल सकते हैं, तो रुबियो ने कहा: "अगर अयातुल्लाह कल कहें कि वह राष्ट्रपति ट्रंप से मिलना चाहते हैं, तो मुझे पूरा विश्वास है कि राष्ट्रपति उनसे मिलेंगे। इसका मतलब यह नहीं कि वह अयातुल्लाह से सहमत हैं, बल्कि वह मानते हैं कि दुनिया की समस्याओं को सुलझाने का यही तरीका है।"
ट्रंप ईरान से नया समझौता करना चाहते हैं
रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप की प्राथमिकता ईरान के साथ एक नया समझौता (Deal) करना है। मध्य पूर्व में दूसरे विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) को भेजने के फैसले पर उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ईरान को किसी भी बड़े हमले से रोकना है ताकि स्थिति और न बिगड़े।यूरोप को चेतावनी और 'साझा विरासत' का संदेश
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अपने मुख्य भाषण और इंटरव्यू के दौरान रुबियो ने यूरोप के साथ संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। उनके संदेश के मुख्य प्वाइंट इस तरह थे:
साझा मूल्य और विरासत: रुबियो ने अमेरिका और यूरोप के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने माइकल एंजेलो की कला से लेकर 'रोलिंग स्टोन्स' के संगीत और यहाँ तक कि अमेरिकी बीयर का उदाहरण देते हुए कहा कि हम दोनों एक ही महान सभ्यता के उत्तराधिकारी हैं।गठबंधन में बदलाव की जरूरत: उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब यूरोप के "प्रबंधित पतन" (Managed Decline) का मूकदर्शक नहीं बना रहना चाहता। उन्होंने कहा, "गठबंधन को बदलना होगा। हम चाहते हैं कि यूरोप समृद्ध हो, लेकिन यह ऐसे सहयोगियों का गठबंधन होना चाहिए जो अपनी रक्षा के लिए लड़ने में सक्षम और इच्छुक हों।"
ईसाई आस्था और माइग्रेशन: रुबियो ने यूरोप में बढ़ते प्रवासन (Migration) की आलोचना की और इसे समाज की एकजुटता के लिए खतरा बताया। उन्होंने साझा इतिहास, भाषा और 'ईसाई आस्था' (Christian Faith) को पुनर्जीवित करने पर जोर दिया।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर नया आकलन
यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर रुबियो ने एक महत्वपूर्ण दावा किया। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध के लक्ष्य अब बदल गए हैं। रुबियो के अनुसार, पुतिन अब पूरे यूक्रेन के बजाय केवल डोनेट्स्क क्षेत्र के उस 20% हिस्से पर कब्जा करना चाहते हैं जो अभी उनके नियंत्रण में नहीं है।यूरोपीय नेताओं की प्रतिक्रिया
रुबियो के भाषण को पिछले साल उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के कड़े और आक्रामक रुख के मुकाबले अधिक "नरम" माना गया, जिससे सभा में राहत महसूस की गई।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़: सम्मेलन की शुरुआत करते हुए मर्ज़ ने चेतावनी दी कि अमेरिका भी इतना शक्तिशाली नहीं है कि वह अकेले चल सके। उन्होंने ट्रांसअटलांटिक (Trans-Atlantic) भरोसे को फिर से बनाने की अपील की।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने रुबियो के शब्दों को आश्वस्त करने वाला बताया, लेकिन साथ ही कहा कि "कुछ सीमाएं ऐसी पार हो गई हैं जिन्हें वापस नहीं लिया जा सकता।"
कीर स्टार्मर: ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के मामले में यूरोप को "लापरवाही" से बाहर निकलने की सलाह दी।