loader
रुझान / नतीजे चुनाव 2022

हिमाचल प्रदेश 68 / 68

बीजेपी
26
कांग्रेस
39
अन्य
3

गुजरात 182 / 182

बीजेपी
152
कांग्रेस
19
आप
7
अन्य
4

चुनाव में दिग्गज

ट्रंप को कोरोना होने के 5 मायने, इनमें से एक यह भी कि वह चुनाव हारेंगे!

एक बात तो बिल्कुल पक्की दिखाई पड़ रही है। वह है- राष्ट्रपति के चुनाव में उनकी हार। इस हार पर उनके कोरोना ने पक्की मुहर लगा दी है। इस वक़्त जो बाइडन उनसे 13 अंकों से आगे हैं। यदि ट्रंप कुछ दिन अस्पताल में ज़्यादा रह गए तो वह ज़्यादा पिछड़ सकते हैं। अमेरिका में यह जोड़-भाग भी शुरू हो गया है कि कोरोना के कारण ट्रंप इस राष्ट्रपति चुनाव से ही बाहर न हो जाएँ। देखिए क्या होता है?
डॉ. वेद प्रताप वैदिक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का कोरोनाग्रस्त होना किस बात का सूचक है? कई बातों का है। 

पहली, दुनिया का कोई आदमी कितना ही शक्तिशाली हो, बीमारी और मौत के आगे वह निढाल है। ट्रंप दुनिया के सबसे शक्तिशाली आदमी हैं, क्योंकि वह दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र के पति हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के पास जितनी संवैधानिक शक्तियाँ होती हैं, उतनी किसी भी राष्ट्र के प्रधानमंत्री को नहीं होतीं। कोरोना ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह किसी राष्ट्रपति और सफ़ाई कर्मचारी में कोई भेद नहीं करता।

दूसरा, ट्रंप के कोरोना ने उनके बड़बोलेपन को पंचर कर दिया है। कोरोना कुछ नहीं है, उससे क्यों डरें, अमेरिकी स्वास्थ्य-सेवाएँ सारी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं- इस तरह की लंतरानियाँ करनेवाले ख़ुद ट्रंप को कोरोना ने पटकनी मार दी। 

ताज़ा ख़बरें

ट्रंप के अहंकार को यह स्वीकार नहीं था कि वे मुखपट्टी लगाएँ। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन का मज़ाक़ उड़ाया था कि सार्वजनिक टीवी बहस में बाइडन ने मुँह पर पट्टी लगाकर बात की थी। कोरोना ने सिद्ध किया है कि नेताओं को, वे चाहे कितने ही बड़े हों, अपना आचरण ऐसा रखना चाहिए कि आम जनता उनका अनुकरण कर सके। भारत से 4-5 गुना छोटे अमेरिका में 2 लाख 10 हज़ार लोगों की मौत का एक बड़ा कारण यही लापरवाही है। 

तीसरी, अमेरिका जैसे समृद्ध और उन्नत देश में लोगों के आत्म-विश्वास का स्तर ज़रूरत से ज़्यादा ऊँचा है। इसीलिए हम देखते हैं कि समुद्र-तटों, हवाई जहाज़ों, मेट्रो रेलों और सड़कों पर भी लोग मुखपट्टी के बिना घूमते हैं, एक-दूसरे से शारीरिक दूरी नहीं रखते और होटलों में खाना खाते हैं। वे अपने नेताओं का अनुकरण करते हैं। 

चौथी बात, जो ट्रंप के बारे में ही है। उन्हें बुधवार को हल्का बुखार था और श्वास लेने में दिक्कत थी। इसके बावजूद वह बुधवार और गुरुवार को चुनाव-प्रचार करते रहे। दो दिन बाद शुक्रवार को वह अस्पताल में भर्ती हुए। उनके बारे में डॉक्टरों और उनके सेवकों की रिपोर्ट आपस में मेल नहीं खातीं। फिर भी, डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध वह चुनाव के मैदान में आज से ही डट जाएँ तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। 

दुनिया से और ख़बरें
पाँचवीं बात तो बिल्कुल पक्की दिखाई पड़ रही है। वह है- राष्ट्रपति के चुनाव में उनकी हार। इस हार पर उनके कोरोना ने पक्की मुहर लगा दी है। इस वक़्त जो बाइडन उनसे 13 अंकों से आगे हैं। यदि ट्रंप कुछ दिन अस्पताल में ज़्यादा रह गए तो वह ज़्यादा पिछड़ सकते हैं। अमेरिका में यह जोड़-भाग भी शुरू हो गया है कि कोरोना के कारण ट्रंप इस राष्ट्रपति चुनाव से ही बाहर न हो जाएँ। देखिए क्या होता है?
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
डॉ. वेद प्रताप वैदिक
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

दुनिया से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें