डोनाल्ड ट्रंप अब हाथ धोकर कनाडा के पीछे पड़ गए हैं! ट्रंप ने चीन के साथ ट्रेड डील करने पर कनाडा पर 100 फीसदी टैरिफ़ लगाने की धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया है। ट्रंप तब से कनाडा पर आग बबूला हुए हैं जब से कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दावोस में अमेरिकी प्रभुत्व कम होने की बात कही और नई वैश्विक व्यवस्था की ज़रूरत बताई।

ट्रंप ने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को 'गवर्नर कार्नी' कहकर तंज कसा, जैसे वे पहले जस्टिन ट्रूडो पर करते थे। 'गवर्नर कार्नी' से उनका मतलब है कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य है। ट्रंप ने लिखा, "अगर गवर्नर कार्नी सोचते हैं कि वे कनाडा को चीन के लिए माल उतारने का बंदरगाह बनाएंगे, ताकि चीन से सामान अमेरिका में आए, तो वे गलत हैं।"
ट्रंप ने आगे कहा, 'अगर कनाडा चीन के साथ डील करता है तो तुरंत ही कनाडा के सभी सामान और उत्पादों पर अमेरिका में 100% टैरिफ लगा दिया जाएगा।' उन्होंने चेतावनी दी कि चीन कनाडा को जिंदा खा जाएगा, पूरी तरह निगल जाएगा। इससे कनाडा की कंपनियां, समाज और जीवनशैली तबाह हो जाएगी। पिछले एक साल से ट्रंप ट्रेड वॉर लड़ रहे हैं, वहीं कनाडा ने इस महीने चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैरिफ कम करने के बदले कनाडाई खेती के प्रोडक्ट्स पर इंपोर्ट टैक्स कम करने के लिए एक डील की है।

कनाडा और चीन में समझौता क्या?

कनाडा और चीन के बीच हाल ही में एक बड़ा व्यापारिक समझौता हुआ है। यह समझौता 16 जनवरी को हुआ और दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह सौदा मुख्य रूप से टैरिफ कम करने पर आधारित है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के उत्पादों पर लगने वाले टैक्स घटाने का फैसला किया है।

कनाडा ने चीन से बने इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगने वाला अतिरिक्त टैरिफ हटाने का फैसला किया। पहले यह टैरिफ 100% तक था। इसने 2024 में अमेरिका के साथ मिलकर लगाया गया था। अब हर साल 49000 चाइनीज ईवी को सिर्फ 6.1% के सामान्य टैरिफ पर कनाडा में आने की अनुमति मिलेगी।

चीन ने कनाडाई कैनोला सीड यानी सरसों के बीज पर लगने वाले टैरिफ को घटाने का वादा किया है। मार्च 1, 2026 तक कैनोला सीड पर कुल टैरिफ लगभग 15% रह जाएगा जो पहले 84% तक था। कैनोला मील और मटर पर टैरिफ पूरी तरह हटाए जाएंगे।

चीन-कनाडा समझौते में ऊर्जा, कृषि-खाद्य, और व्यापार पर नए साझेदारी की बात है। कनाडा को चीन से ज्यादा साफ ऊर्जा तकनीक मिल सकती है।
बहरहाल, ट्रंप का यह ताज़ा बयान अमेरिका और कनाडा के बीच लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन में नई तनातनी को दिखाता है। दोनों देश नाटो के सहयोगी हैं और उत्तर अमेरिका की सुरक्षा में साथ काम करते हैं। लेकिन ट्रंप का आरोप है कि कनाडा चीन के साथ ज़्यादा क़रीब आ रहा है।

कनाडा का यूएस पर हमला

कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने दावोस में अमेरिकी प्रभुत्व कम होने की बात कही और नई वैश्विक व्यवस्था की जरूरत बताई। कार्नी ने ट्रंप के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, 'कनाडा अमेरिका की वजह से नहीं जीता। कनाडा कनाडाई होने की वजह से फलता-फूलता है।' उन्होंने कनाडा की संप्रभुता और स्वतंत्रता पर जोर दिया। कार्नी ने इशारों में बड़े देशों द्वारा छोटे देशों पर दबाव डालने के खिलाफ भी बात की।

ट्रंप ने कार्नी को अपनी नई 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का न्योता भी वापस ले लिया। इसे कार्नी के आलोचनात्मक बयानों और डिफेंस-ट्रेड मुद्दों पर दबाव न मानने की वजह से बदला माना जा रहा है।

कनाडा को 51वां राज्य बनाऊँगा: ट्रंप

ट्रंप ने पहले भी कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात की थी। उन्होंने एक बदली हुई मैप भी शेयर की थी जिसमें कनाडा, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और क्यूबा अमेरिका का हिस्सा दिखाए गए थे। ट्रंप का कहना है कि कनाडा गोल्डन डोम में शामिल होना चाहता है और यह 2029 तक उनके कार्यकाल के अंत तक तैयार हो जाएगा।

यह विवाद अमेरिका-कनाडा संबंधों में गहरे संकट की ओर इशारा करता है। ट्रंप चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंतित हैं और कनाडा को चीन के साथ करीब आने के लिए दोषी ठहरा रहे हैं। जबकि, कनाडा ट्रंप के दबाव के सामने झुकने से इनकार कर रहा है।