पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध अब बेहद भयावह रूप ले चुका है। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने पूरे क्षेत्र में मौजूद "दुश्मन के ठिकानों" पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान की 'नूर न्यूज एजेंसी' ने एक सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि यह कार्रवाई ईरान पर जारी अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है। पिछले 48 घंटों में दुश्मन की गतिविधियों की निगरानी करने के बाद इन ठिकानों को चिन्हित कर निशाना बनाया गया है।
इस ताज़ा हमले से खाड़ी देशों में पैदा हुए हालात इस प्रकार हैं:

  • बहरीन, कुवैत और यूएई में गूंजे सायरन: हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में संभावित हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं।
  • यूएई (UAE) की सैन्य कार्रवाई: यूएई के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम (वायु रक्षा प्रणाली) ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है। प्रशासन ने साफ किया कि फिलहाल मिसाइलों का खतरा देश की सीमाओं से बाहर बना हुआ है।
  • बहरीन में तीसरी बार अलर्ट: अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) के मेजबान बहरीन में आज तीसरी बार मिसाइल हमले का अलर्ट जारी किया गया। वहीं, कुवैती सेना ने भी अपने क्षेत्र की ओर आ रहे रॉकेटों और मिसाइलों को बीच में ही रोकने (इन्टरसेप्ट करने) का दावा किया है।
  • यूएस (US) रडार और कमांड सेंटर तबाह करने का दावा: इस बीच, ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने कुवैत में स्थित एक अमेरिकी रडार सिस्टम को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। इसके साथ ही, जॉर्डन में मौजूद एक अमेरिकी सैन्य अड्डे के कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और ड्रोन हैंगर्स को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है।
  • जॉर्डन का बयान: हालांकि, जॉर्डन के अधिकारियों ने ईरान के इस दावे को आंशिक रूप से खारिज करते हुए कहा कि देश में तीन ईरानी मिसाइलें जरूर गिरी हैं, लेकिन इससे किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है।

बहरीन के अमेरिकी एयरबेस पर भी हमला

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अपने जवाबी ऑपरेशन के दूसरे चरण में बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर कई ठिकानों को निशाना बनाया। IRGC ने एक बयान में कहा कि उसने हेलीकॉप्टर मेंटेनेंस फैसिलिटी, P-8 एयरक्राफ्ट हैंगर और अमेरिकी मिलिट्री ड्रोन कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर पर हमला किया। साथ ही, उसने यह भी कहा कि उसके जवाबी हमले जारी हैं।

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बहरीन में नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

बहरीन सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। उसने इस संबंध में एक्स पर ट्वीट किया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फ़ोर्स ने अली अल-सलेम एयर बेस पर फ्यूल टैंक और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, साथ ही कुवैत में अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर एक रणनीतिक FPS रडार सिस्टम को भी तबाह कर दिया। अल जज़ीरा के अनुसार, IRGC ने कहा कि ये हमले अमेरिका की लगातार सैन्य कार्रवाई के जवाब में 'आंख के बदले आंख' वाली जवाबी कार्रवाई का तीसरा चरण थे। उन्होंने वॉशिंगटन को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में और दखल न देने की चेतावनी दी और कहा कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है।

अमेरिका ने भी किया दावा

अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने ईरान के कई इलाकों में दर्जनों जगहों को निशाना बनाते हुए हमले का एक नया दौर पूरा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस ऑपरेशन में सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों (precision-guided munitions) का इस्तेमाल किया गया, क्योंकि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। कमांड ने कहा, "CENTCOM की सेनाओं ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों, नौसैनिक जहाजों, वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन का इस्तेमाल करके पहली बार ईरान के मिलिट्री एयर-डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार साइटों, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं और छोटी नावों पर हमले किए।"

गल्फ के मुस्लिम देशों को ईरान की चेतावनी

ईरान ने अमेरिकी सेना के हालिया हमलों की आलोचना करते हुए उन्हें UN चार्टर का "खुला उल्लंघन" बताया है। साथ ही, ईरान ने वॉशिंगटन पर युद्धविराम तोड़ने और इलाके में अस्थिरता बढ़ाने का आरोप लगाया है। तेहरान ने एक बयान में चेतावनी दी कि अगर कोई मुस्लिम देश अपनी ज़मीन या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए होने देता है, तो ईरानी सेना जवाबी कार्रवाई में उसे अपना वैध निशाना बना सकती है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से यह भी कहा कि वह अमेरिका को इन आक्रामक कार्रवाइयों के लिए ज़िम्मेदार ठहराए।
ईरान के मंत्रालय ने कहा, "अगर किसी देश की ज़मीन या ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य हमले के लिए किया जाता है, तो उसे हमले की शुरुआत का केंद्र माना जा सकता है और ईरानी सेना अपनी रक्षात्मक कार्रवाई के तहत उसे वैध निशाना बना सकती है।"

होर्मुज पर आर-पार की जंग

ईरान ने दावा किया है कि उसने वैश्विक तेल व्यापार के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को पूरी तरह बंद कर दिया है और अनाधिकृत मार्गों से जाने वाले जहाजों को रोक दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के एक सलाहकार ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का रणनीतिक नियंत्रण ईरान के लिए "दर्जनों परमाणु बमों से भी अधिक मूल्यवान" है। इसके विपरीत, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना का दावा है कि यह जलमार्ग अभी भी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है और अमेरिकी नौसेना वहां सुरक्षित आवागमन (freedom of navigation) सुनिश्चित कर रही है। एक्सिओस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में अमेरिकी समन्वय (coordination) के साथ लगभग 20 वाणिज्यिक जहाज इस मार्ग से सुरक्षित गुजरे हैं।
इस युद्ध के बीच भारत के लिए भी एक चिंताजनक खबर है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास साइप्रस के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज (container ship) पर हुए हमले के बाद से एक भारतीय नाविक लापता है। जहाज पर आग लगने के बाद चालक दल के 23 सदस्यों को ओमान की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया था।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका के इन हालिया हमलों ने पिछले कई महीनों से चल रहे राजनयिक प्रयासों और सीजफायर की वार्ताओं को "पूरी तरह से बेकार" (rendered futile) कर दिया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने ओमान पर दबाव बनाया, जिसके कारण हॉर्मुज जलमार्ग को लेकर शनिवार को मस्कट में होने वाला समझौता नहीं हो सका। इस तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। एशियाई बाजारों में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 3.75% बढ़कर 78.86 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) 3.65% की तेजी के साथ 74.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और दोनों ही देश पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने की अपील की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक दार ने भी ईरान से संयम बरतने को कहा है।