ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी UNGA में अमेरिका और इसराइल के हमले को आतंकवादी कार्रवाई क़रार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरान को आतंकवादी बताया था। पेजेशकियान ने इसे खारिज करते हुए कहा कि ईरान खुद अमेरिका और इसराइल के आतंकवाद का शिकार है। पेजेशकियान ने महासभा में अपने भाषण के दौरान मीनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें और कब्रों की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने बताया कि उस हमले में 120 बच्चे समेत करीब 150 लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा, 'कल अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमें आतंकी कहा। हम खुद आतंकवाद के शिकार रहे हैं।' उनके भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल हॉल से बाहर चला गया।

एक दिन पहले ट्रंप ने UNGA में ईरान को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि या तो ईरान से समझौता हो नहीं तो इस्लामिक रिपब्लिक को 'तबाह' कर दिया जाएगा। ट्रंप ने यहां तक कहा था कि वे ईरान को 'बिना बचने के मौके के नर्क में' धकेल सकते हैं।
ताज़ा ख़बरें
पेजेशकियान ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा, 'मैं उस ईरान से आया हूं जहां हमारे सम्मानित सुप्रीम लीडर को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या वजह के मार दिया गया। मैं उस ईरान से आया हूं जहां स्कूल पर बम गिराए गए। ये बच्चे देखिए? ये बच्चे अमेरिका और इसराइल के हथियारों से हुए हमलों में मारे गए। ये निर्दोष थे। इन्होंने कोई अपराध नहीं किया था।' उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान पर कायरतापूर्ण हमले हुए, लेकिन देश ने अपनी पूरी ताकत से बचाव किया। उन्होंने कहा, 'अमेरिका और इसराइल ने हमें सबसे आधुनिक तकनीक से हमला किया। उन्होंने हमें मारा, लेकिन हमने घुटने नहीं टेके।'

इसराइल पर आरोप और ग़ज़ा का ज़िक्र

पेजेशकियान ने इसराइल पर आरोप लगाया कि उसने विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और अस्पतालों जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले किए। उन्होंने कहा, 'हमने जवाब दिया, लेकिन हमने जानबूझकर नागरिक आबादी पर हमला नहीं किया।' उन्होंने ग़ज़ा का ज़िक्र करते हुए कहा,
ग़ज़ा में 80 हजार से ज्यादा निर्दोष नागरिकों की क्रूर हत्या की गई है। वे अपनी तकनीक का इस्तेमाल करके नरसंहार कर रहे हैं। फिर दूसरों को आतंकी बताते हैं।
मसूद पेजेशकियान
ईरान के राष्ट्रपति
पेजेशकियान ने सवाल किया, 'क्या हम अस्थिरता के हकदार हैं? हम सिर्फ स्वतंत्र रहना चाहते हैं।'

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दो सौ सालों में ईरान ने किसी दूसरे देश या इलाके पर हमला नहीं किया। जब ख़तरा आया, तब सिर्फ अपना बचाव किया। उन्होंने साफ़ किया कि तेहरान क्षेत्रीय दबदबा नहीं चाहता और अपनी सुरक्षा के लिए दूसरे देशों की क़ीमत पर कुछ नहीं करना चाहता।

US, ईरान के अधिकारियों की बैठक

भाषण से कुछ घंटे पहले न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिका और ईरान के अधिकारियों की तीन घंटे की बैठक हुई। अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर शामिल थे। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अरागची थे।

दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ भी सक्रिय रहे। ट्रंप ने इस बैठक को 'बहुत अच्छी' और 'उत्पादक' बताया, लेकिन कोई तुरंत समझौता या बड़ा नतीजा नहीं निकला। पेजेशकियान के भाषण ने UNGA में तनाव बढ़ा दिया। एक तरफ अमेरिका और इसराइल के आरोप, दूसरी तरफ ईरान का दावा कि वह खुद पीड़ित है। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन विवाद अभी भी गहरा है।