ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते युद्ध ने अब खाड़ी देशों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान ने कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रमुख तेल सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों के बाद सऊदी अरब ने सख्त चेतावनी दी है कि ईरान पर जो थोड़ा बहुत विश्वास बचा था, वह पूरी तरह नष्ट हो गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले इसराइल द्वारा ईरान के दक्षिण पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में किए गए। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने चेतावनी दी थी कि इस संघर्ष के "अनियंत्रित परिणाम" पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले सकते हैं।

ट्रम्प के दो बयान, इसराइल को चेतावनी, ईरान को धमकी

ट्रम्प ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर इसराइली हमले की कड़ी आलोचना की है, जिसके कारण तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बयान में ट्रम्प ने लिखा: “संयुक्त राज्य अमेरिका को इस विशेष हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, और कतर किसी भी तरह से इसमें शामिल नहीं था, न ही उसे इसकी कोई जानकारी थी। दुर्भाग्य से, ईरान को इसकी जानकारी नहीं थी, न ही साउथ पार्स हमले से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य की जानकारी थी, और उसने अनुचित और अन्यायपूर्ण तरीके से कतर के एलएनजी गैस संयंत्र के एक हिस्से पर हमला किया। इस अत्यंत महत्वपूर्ण और मूल्यवान साउथ पार्स क्षेत्र से संबंधित इसराइल द्वारा अब कोई और हमला नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि जब तक ईरान "नासमझी से किसी निर्दोष देश, जैसे कतर पर हमला करने का फैसला नहीं करता", तब तक इसराइल साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला नहीं करेगा। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "ऐसी स्थिति में, अमेरिका, इसराइल की मदद या सहमति से या उसके बिना, साउथ पार्स गैस क्षेत्र को इतनी ताकत और शक्ति से उड़ा देगा, जितनी ईरान ने पहले कभी नहीं देखी होगी।" उन्होंने आगे कहा, "मैं इस स्तर की हिंसा और विनाश को अधिकृत नहीं करना चाहता क्योंकि इसका ईरान के भविष्य पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा, लेकिन अगर कतर के एलएनजी पर फिर से हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में संकोच नहीं करूंगा।"

कतर पर हमला

कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी (Ras Laffan Industrial City) पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें देश की मुख्य गैस सुविधा को "व्यापक नुकसान" (extensive damage) पहुंचा। कतर एनर्जी ने आग की घटना की पुष्टि की, जिसे सिविल डिफेंस टीमों ने नियंत्रित कर लिया। हमले में कोई हताहत नहीं हुआ।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इसके जवाब में कतर ने ईरानी सुरक्षा और सैन्य अटैचों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया। कतर ने इसे "खतरनाक escalation" बताया।

सऊदी अरब पर हमला

सऊदी अरब ने बताया कि रियाद के पास दो रिफाइनरियों पर हमला हुआ। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कहा, "ईरान पर जो थोड़ा विश्वास बचा था, वह पूरी तरह चकनाचूर हो गया है।" उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि हमले तुरंत बंद होने चाहिए, वरना सऊदी अरब राजनीतिक और गैर-राजनीतिक विकल्पों पर विचार करेगा, जिनमें "बहुत महत्वपूर्ण" कदम शामिल हो सकते हैं। प्रिंस फैसल ने कहा कि ईरान का रियाद और रास लाफान पर हमला एक "ब्लैकमेल" का प्रयास है, लेकिन अरब और इस्लामिक देश डरने वाले नहीं हैं। सऊदी एयर डिफेंस ने पूर्वी प्रांत में पांच ड्रोन को नष्ट कर दिया।

यूएई पर हमला

संयुक्त अरब अमीरात ने हबशान गैस सुविधा (Habshan gas facilities) और बाब ऑयलफील्ड पर हमले की पुष्टि की। यूएई ने इसे "अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा" बताया। एयर डिफेंस ने हमलों को रोक लिया, कोई हताहत नहीं हुआ। यूएई ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा।

खाड़ी देशों में अमेरिकी सैनिक उतारने पर विचार

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन मिडिल ईस्ट में अपने अभियान को मजबूत करने के लिए हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है। अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ अपने अभियान में संभावित अगले कदमों की तैयारी कर रही है। ईरान युद्ध के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ, ये तैनाती ट्रम्प को अमेरिकी अभियानों के विस्तार पर विचार करते समय अतिरिक्त विकल्प प्रदान करने में मदद कर सकती है।
मामले से परिचित तीन लोगों और तीन अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खरग द्वीप पर जमीनी सेना भेजने के विकल्पों पर भी चर्चा की है, जो ईरान के 90% तेल निर्यात का केंद्र है। एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा अभियान बेहद जोखिम भरा होगा। ईरान मिसाइलों और ड्रोन के जरिए द्वीप तक पहुंचने में सक्षम है।

ईरान के हमलों का वैश्विक प्रभाव

ईरान के हमलों के बाद तेल की कीमतों में तेजी आई है। अमेरिकी बाजार गिरावट पर बंद हुए- डॉव जोंस 1.5 प्रतिशत से ज्यादा नीचे, एसएंडपी और नैस्डैक भी एक प्रतिशत से अधिक गिरे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने कहा कि युद्ध लंबा खिंचने और तेल महंगा होने से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। पेंटागन ने ईरान युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर से ज्यादा का बजट मांगा है, जबकि अब तक खर्च 11 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है।