ईरान पर थोपे गए युद्ध का रविवार 5 अप्रैल को 37वां दिन है। अमेरिका-इसराइल के हमलों में तेज़ी आई है लेकिन ईरान को चौंकाने वाली कामयाबी मिली है। ईरान ने एफ 15 के बाद अब दो सी 130 विमान मार गिराने का दावा किया है। ताज़ा अपडेटः
ईरान ने यूएस का सी 130 लड़ाकू विमान मार गिराया
अमेरिका का राष्ट्रपति अब गाली गलौच की भाषा में ईरान को धमकी दे रहा है। हालांकि मीडिया इसे उनका खास अंदाज बता रहा है। उन्होंने खुलेआम तेहरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमलों की चेतावनी दी। उनकी भाषा ने धमकी से कहीं ज्यादा ध्यान खींचा, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग करते हुए ईरान पर खुलेआम अपमानजनक टिप्पणियां कीं। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने चेतावनी दी कि मंगलवार को ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर व्यापक हमले हो सकते हैं, और इसे संघर्ष का निर्णायक क्षण बताया। होर्मुज जलडमरूमध्य, जिससे होकर दुनिया के तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, हाल के हफ्तों में तनाव का केंद्र बन गया है। ट्रंप की बात को अगर शालीन भाषा में लिखा जाए तो उन्होंने कहा- "मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट दिवस और ब्रिज दिवस, तीनों एक साथ मनाए जाएंगे। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा!"
ट्रंप का एक और बयान
ट्रंप के गाली-गलौच वाले बयान के बाद उनका एक और बयान इंटरव्यू की शक्ल में सामने आया है। राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज के एक पत्रकार से रविवार को कहा, "मुझे लगता है कि कल (सोमवार) समझौता होने की अच्छी संभावना है, वे अभी बातचीत कर रहे हैं।" ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्हें विश्वास है कि सोमवार को ईरान के साथ समझौता होने की "अच्छी संभावना" है, इससे पहले कि तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने या भारी बमबारी का सामना करने के लिए दी गई उनकी समय सीमा समाप्त हो जाए।
ईरान का करारा जवाब, विश्व समुदाय को ललकारा
संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने ट्रंप की नवीनतम टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान में "नागरिकों के जीवन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने" की धमकी दे रहे हैं। मिशन ने X पर कहा, "यदि संयुक्त राष्ट्र की अंतरात्मा जीवित होती, तो वह युद्ध भड़काने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की खुली और बेशर्म धमकी पर चुप नहीं रहती। ट्रंप इस क्षेत्र को एक अंतहीन युद्ध में घसीटना चाहते हैं।" इसमें कहा गया, "यह नागरिकों को आतंकित करने के लिए प्रत्यक्ष और सार्वजनिक उकसावा है और युद्ध अपराध करने के इरादे का स्पष्ट प्रमाण है।" इसमें आगे कहा गया- “अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और सभी राज्यों का यह कानूनी दायित्व है कि वे युद्ध अपराधों के ऐसे जघन्य कृत्यों को रोकें। उन्हें अभी कार्रवाई करनी चाहिए। कल बहुत देर हो जाएगी।”
ईरानी संसद के स्पीकर का बयानः ईरानी संसद के स्पीकर/अध्यक्ष क़लिबाफ़ ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कहा कि उनके "लापरवाह कदमों से अमेरिका के हर परिवार को एक जीती-जागती नरक में धकेला जा रहा है, हमारा पूरा क्षेत्र जल उठेगा क्योंकि आप नेतन्याहू के आदेशों का पालन करने पर अड़े हैं।" उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, "यह मत समझिए: युद्ध अपराधों से आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा।"
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है। ट्रंप द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई 48 घंटे की समय सीमा के बावजूद, तेहरान ने रविवार को खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा संस्थानों पर नए हमले किए, जिनमें कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन की सुविधाओं को निशाना बनाया गया। ईरान ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान के भीतर नागरिक ठिकानों पर हमले जारी रहे तो क्षेत्र में अमेरिकी आर्थिक हितों पर हमले तेज किए जाएंगे।
ईरान ने दो अमेरिकी सी 130 विमान गिराए
पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने रविवार को दावा किया कि उसने देश के मध्य भाग में स्थित इस्फ़हान के दक्षिणी क्षेत्र में दो अमेरिकी C-130 सपोर्ट एयरक्राफ्ट (मालवाहक विमान) को मार गिराया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए साझा हमले के बाद से पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में झुलस रहा है। अमेरिका का एफ 15 भी शुक्रवार को ईरान का निशाना बना था। उसके दोनों पायलट किसी तरह बच निकले लेकिन ईरान में फंस गए। एक क्रू मेंबर को अमेरिका ने पहले बचा लिया था लेकिन दूसरे क्रू मेंबर को शनिवार को बचाया गया। उन्हीं दोनों क्रू मेंबर्स को तलाशने सी 130 भेजा गया था। लेकिन ईरान ने उसे भी मार गिराया। आईआरजीसी ने पहले एक सी 130 विमान गिराने का दावा किया था। लेकिन अब, आईआरजीसी के एक प्रवक्ता का कहना है कि ईरानी सेना ने दक्षिणी इस्फ़हान में दो सी-130 सैन्य विमानों के साथ-साथ दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों को नष्ट कर दिया है।
पुलिस स्पेशल फोर्स की कार्रवाई का दावा
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' (Tasnim News Agency) ने ईरानी पुलिस के हवाले से बताया कि विमान को "पुलिस स्पेशल फोर्स यूनिट की भारी गोलीबारी" के जरिए नष्ट किया गया। खबरों के मुताबिक, यह विमान तब ईरानी हवाई क्षेत्र में था जब उसे निशाना बनाया गया। हालांकि, अभी तक इस विमान के क्रू मेंबर्स (चालक दल) की स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।लापता F-15 क्रू मेंबर और रेस्क्यू का पेच
सोशल मीडिया पर चल रही शुरुआती अमेरिकी रिपोर्ट्स में एक अलग ही दावा किया जा रहा है। इन रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के ऊपर मार गिराए गए एक F-15 फाइटर जेट के दूसरे लापता क्रू मेंबर को बचाने के अभियान के दौरान, अमेरिकी सेना ने अपने ही विमान (C-130) को खुद ही उड़ा दिया। बताया जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि विमान की तकनीक या संवेदनशील जानकारी "ईरानी हाथों में न पड़ जाए।" लेकिन ईरान ने अब वीडियो और फोटो जारी करते हुए सी 130 मारने का दावा किया है।ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी पायलट को बचाने के दौरान हुए हमलों में ईरान में पांच लोग मारे गए। दक्षिण-पश्चिमी कोहगिलुयेह और बोयेर-अहमद प्रांत के कौह-ए सियाह इलाके में यह घटना हुई है।"
ईरान ने ट्रंप के 48 घंटे के दावे को खारिज किया, दी चेतावनी
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल को चेतावनी दी है कि अगर हमले बढ़े तो "पूरा क्षेत्र आपके लिए नरक बन जाएगा"। ईरान ने ट्रंप की 48 घंटे की धमकी को खारिज कर दिया। जैसे-जैसे संघर्ष छठे सप्ताह में प्रवेश कर रहा है, वाशिंगटन के लिए चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं। एक अमेरिकी सैनिक के ईरान में भागे होने की आशंका, शांति वार्ता की कम संभावनाएँ और युद्ध के लिए जनता के कम समर्थन को दर्शाने वाले सर्वेक्षणों के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
बचाए गए सैनिक को लेकर ट्रंप का दावा
अमेरिका ने ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुए एफ-15 लड़ाकू विमान के एक सैनिक को बचा लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैनिक घायल हो गया था, लेकिन उसके जल्द ठीक होने की उम्मीद है। इस अभियान की घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा कि सेना ने अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया है, जिसमें एक उच्च सम्मानित कर्नल सहित चालक दल के एक अधिकारी को बचाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि वह अब "सुरक्षित और स्वस्थ" हैं।
ईरान के ड्रोन हमलों से कुवैत के तेल बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा
कुवैत की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने बताया कि रविवार को ईरानी ड्रोन हमलों के कारण कुवैत के तेल और पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है। तेहरान खाड़ी क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहा है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने कहा कि उसकी सहायक कंपनी पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज कंपनी के कई संयंत्रों पर ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए ईरान ने जघन्य हमला किया है। कंपनी ने कहा कि इस हमले के परिणामस्वरूप कई संयंत्रों में आग लग गई और भारी भौतिक क्षति हुई।
अबू धाबी में पेट्रोकेमिकल कंपनी में ऑपरेशन रोका गया
अबू धाबी के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पेट्रोकेमिकल कंपनी बोरौज की फैक्ट्री में मलबा गिरने के बाद आग लगने के कारण ऑपरेशन रोक दिया गया है। अमीरात के मीडिया कार्यालय ने बताया कि किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।