वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने राष्ट्रपति ट्रंप को गलत सूचनाएं दीं और गुमराह किया। इससे ट्रंप की काफी फजीहत भी हुई।
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ
ईरान युद्ध इतिहास में यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के बड़बोले बयानों और रक्षा सचिव हेगसेथ की गलत सूचनाओं के लिए याद रखा जाएगा। वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने ट्रंप को पूरी सच्चाई नहीं बताई। ईरान को लेकर गलत सूचनाएं देते रहे।
अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 7 अप्रैल को नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हेगसेथ ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी स्थिति को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। सूत्र के मुताबिक, “पीट राष्ट्रपति से सच नहीं कह रहे हैं। इसके चलते राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से भ्रामक जानकारी दोहरा रहे हैं।”
मिसाइल और हवाई नियंत्रण को लेकर विवाद
रिपोर्ट में कहा गया है कि हेगसेथ ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रम को “लगभग पूरी तरह नष्ट” कर दिया है। हालांकि वास्तविकता यह है कि 40 दिनों तक युद्ध चलने के बावजूद ईरान के आधे से अधिक मिसाइल अब भी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इसी तरह, हेगसेथ का यह दावा भी विवादों में है कि अमेरिका को ईरानी हवाई क्षेत्र पर “पूर्ण नियंत्रण” हासिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा नहीं है और अमेरिकी वायुसेना को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हेगसेथ ने कई हफ्तों तक यह भी कहा कि ईरान के पास “कोई प्रभावी एयर डिफेंस नहीं” है और वो अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब देने में सक्षम नहीं है।F-15 विमान गिराए जाने की घटना
हालांकि, हाल ही में व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया कि जमीन पर खड़े होकर कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल ने अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। इस घटना में दो अमेरिकी सैनिक ईरानी क्षेत्र में फंस गए थे, जिन्हें बाद में बचाया गया।ट्रंप ने इस घटना को “किस्मत का खेल” बताते हुए कहा, “वह एक लकी हिट था।”
सुरक्षा विश्लेषक केली ग्रिको ने वॉशिंगटन पोस्ट से कहा कि यह घटना दिखाती है कि “हवाई बढ़त (Air Superiority) और पूर्ण हवाई प्रभुत्व (Air Supremacy) में फर्क होता है।” उन्होंने बताया कि अमेरिकी नियंत्रण सीमित भौगोलिक क्षेत्रों और ऊंचाई तक ही है, और अमेरिकी विमान अक्सर 15,000 से 30,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहे थे ताकि ऐसे हमलों से बचा जा सके।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को युद्ध की पूरी जानकारी थी और उन्हें किसी भी स्थिति से आश्चर्य नहीं हुआ। वहीं पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इन रिपोर्ट्स को “झूठ और प्रचार” बताया। उन्होंने कहा कि हेगसेथ ने राष्ट्रपति को स्पष्ट सैन्य विकल्प दिए थे, जिनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
हेगसेथ पर महाभियोग की मांग
इस बीच, डेमोक्रेटिक सांसद यास्मीन अंसारी ने हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग लाने की घोषणा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में नागरिक ढांचे जैसे पुल, बिजली संयंत्र और जल संयंत्र पर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। अंसारी ने कहा कि “सिर्फ कांग्रेस को युद्ध घोषित करने का अधिकार है, न कि एक अनियंत्रित राष्ट्रपति या उनके सहयोगियों को।” इससे पहले भी डेमोक्रेट सांसद हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश कर चुके हैं, हालांकि उस पर अभी मतदान नहीं हुआ है। वहीं सीनेटर क्रिस मर्फी सहित कई सांसदों का मानना है कि किसी देश के नागरिक ढांचे को निशाना बनाना स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध है। हेगसेथ ने ईरान में युद्ध अपराध किए हैं।अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच सामने आई यह रिपोर्ट न केवल ट्रंप प्रशासन के भीतर संभावित मतभेदों को उजागर कर रही है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि युद्ध की वास्तविक स्थिति और सरकारी दावों के बीच बड़ा अंतर हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बहस और तेज होने की संभावना है।