युद्ध का 40वां दिन, महत्वपूर्ण घटनाक्रम

  • ईरान-यूएस सीज़फायर पर खतरे के बादल मंडराए।
  • हिज़्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के भतीजे अली यूसुफ हर्षी की बेरूत में हत्या, इसराइल ने पुष्टि की।
  • अगर ईरान ने समझौते का पालन नहीं किया तो फिर से गोलीबारीः ट्रंप
  • जेडी वैंस का कहना है कि बातचीत के दौरान इसराइल लेबनान पर हमले सीमित कर सकता है।
  • हिज़्बुल्लाह ने लेबनान पर हमले का जवाब देते हुए इसराइल पर रॉकेट दागे।
  • इज़राइल के लेबनान पर हुए सबसे घातक हमलों में 250 से अधिक लोग मारे गए, लड़ाई फिर शुरू।
  • युद्धविराम पर दबाव; ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी, होर्मुज़ जलमार्ग बंद किया।
  • बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इसराइल युद्ध के लिए तैयार है।
  • ईरान ने कहा- परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं। हमारा कार्यक्रम शांतपूर्ण कार्यों के लिए
  • अमेरिका ने यूरेनियम हटाने की योजना पर ज़ोर दिया; तेहरान ने इसकी पुष्टि नहीं की।
  • जेडी वैंस इस्लामाबाद में ईरान के साथ अमेरिकी डेलीगेशन का नेतृत्व करेंगे।
ईरान और अमेरिका के बीच नाजुक युद्धविराम गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच, इसराइल ने लेबनान पर भारी बमबारी शुरू की। ईरान ने कहा है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो वो युद्धविराम तोड़ सकता है। उधर,वाशिंगटन और तेहरान दोनों ने दो सप्ताह के युद्धविराम और बातचीत पर सहमति जताने के बाद जीत का दावा किया है। ट्रंप के बयान बार-बार बदल रहे हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में गुरुवार को ईरानी डेलीगेशन पहुंच सकता है। बातचीत 10 अप्रैल से शुरू होगी। हालांकि अमेरिकी डेलीगेशन के शनिवार 11 अप्रैल तक पहुंचने की उम्मीद है। वास्तविक बातचीत उसी दिन होगी। उससे पहले तैयारियां चल रही हैं।

लेबनान के साथ खड़ा है ईरान, हमारी उंगलियां ट्रिगर परः पेजेश्कियन

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने गुरुवार को लेबनान के लोगों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि इसराइल द्वारा लेबनान पर लगातार हमले जारी रहने के कारण ईरान की उंगलियां ट्रिगर पर हैं। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, “लेबनान में इसराइल का यह नया आक्रमण युद्धविराम समझौते का घोर उल्लंघन है। यह धोखे और संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है। इन कार्रवाइयों के जारी रहने से वार्ताएं अर्थहीन हो जाएंगी। हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं। ईरान अपने लेबनानी बहनों और भाइयों को कभी नहीं छोड़ेगा।”

लेबनान को सीजफायर की शर्तों में शामिल किया जाएः फ्रांस-यूके-इटली 

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम लेबनान तक भी लागू होना चाहिए, और चेतावनी दी कि जारी सैन्य कार्रवाइयां इस समझौते को कमजोर कर सकती हैं। उन्होंने एक दिन पहले किए गए इसराइली हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पाकिस्तान में शुरू होने वाली आगामी शांति वार्ता के तहत ईरान कई रियायतें देगा।
ब्रिटेन भी लेबनान को शामिल करने के पक्ष मेंः ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन मध्य पूर्व में युद्धविराम में लेबनान को शामिल किए जाने का "दृढ़तापूर्वक" इच्छुक है। उन्होंने स्काई न्यूज़ को बताया, "हम लेबनान में युद्धविराम का विस्तार देखना चाहते हैं। कल लेबनान में इज़राइल द्वारा किए गए बढ़ते हमलों से मैं बेहद चिंतित हूं।" उन्होंने कहा, "हमने लेबनान में इसके मानवीय परिणाम, बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन देखा है। इसलिए हम लेबनान में भी युद्धविराम देखे जाने के इच्छुक हैं।"
इटली की पीएम ने निन्दा कीः इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। मेलोनी ने इटली की संसद को संबोधित करते हुए कहा, “हम उस मोड़ से बहुत दूर आ चुके हैं जहां से लौटना असंभव है, लेकिन अब हमारे सामने शांति की एक नाजुक संभावना है जिसे दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाना होगा।” उन्होंने कहा कि इटली और यूरोपीय संघ के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में “नौकायन की आज़ादी” बहाल की जाए।

हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रहेंगेः नेतन्याहू

विश्वव्यापी अपील के बावजूद इसराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इसराइल हिज़्बुल्लाह के खिलाफ अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। अपने एक्स अकाउंट पर जारी एक बयान में, प्रधानमंत्री ने हमले की तीव्रता पर ज़ोर देते हुए कहा कि सेना "हिज़्बुल्लाह पर पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ हमले जारी रखे हुए है।" ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब इसराइल हिज़्बुल्लाह की क्षमताओं को कमज़ोर करने के अपने अभियान को तेज़ कर रहा है, और नेतन्याहू ने चल रहे हवाई हमलों के पीछे के मकसद को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा, "हमारा संदेश स्पष्ट है: जो भी इसराइली नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा, हम उस पर हमला करेंगे।" उन्होंने सैन्य कार्रवाई को सीधे जनता की सुरक्षा से जोड़ा।

हिज्बुल्लाह प्रमुख के सेक्रेटरी की हत्या, इसराइल का दावा पहले कुछ और था

इसराइल ने गुरुवार को कहा हिज़्बुल्लाह चीफ नईम कासिम के सेक्रेटरी यूसुफ हर्शी की हत्या कर दी गई है। इससे पहले इसराइल ने दावा किया था कि बेरूत पर रात भर चले हमले में ईरान समर्थित लेबनानी समूह हिज़्बुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम को मार दिया गया है। लेकिन इसराइल ने पहले वाली सूचना के बारे में कुछ नहीं कहा और न खंडन किया। हिज़्बुल्लाह ने हसन नसरल्लाह की 2024 में हुई हत्या के एक महीने बाद कासिम को अपना नया प्रमुख नियुक्त किया, जो 30 से अधिक वर्षों से समूह में एक वरिष्ठ नेता थे। इस समूह की स्थापना 1982 में लेबनान के मुस्लिम शिया लड़ाकों द्वारा की गई थी और इसे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का समर्थन प्राप्त था ताकि दक्षिणी लेबनान पर इसराइल के तत्कालीन कब्जे का मुकाबला किया जा सके।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संदेश का मसौदा तैयार करने में व्हाइट हाउस "सीधी तौर पर शामिल" था।

ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए आज चलेगा

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोग़दाम ने कहा है कि ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार रात ईरान की 10 सूत्री शांति योजना पर बातचीत के लिए इस्लामाबाद रवाना होगा। एक्स पर एक पोस्ट में मोग़दाम ने कहा कि इसराइली सरकार द्वारा "राजनयिक पहल को विफल करने" के प्रयासों को लेकर ईरानियों के "संदेह" के बावजूद प्रतिनिधिमंडल यह यात्रा कर रहा है।

ट्रंप की फिर धमकी- समझौता नहीं हुआ तो फिर गोलाबारी होगी

यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान से असली समझौता होने के बाद ही अमेरिका अपने सैनिक और युद्धपोत ईरान के चारों तरफ से हटाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा- "ईरान के विनाश के लिए आवश्यक सभी अमेरिकी जहाज, विमान, सैन्यकर्मी और अन्य सभी चीजें ईरान और उसके आसपास तब तक तैनात रहेंगी, जब तक कि वास्तविक समझौता पूरी तरह से पूरा नहीं हो जाता।" उन्होंने कहा कि "अगर किसी वजह से ऐसा नहीं होता है, जिसकी संभावना बहुत कम है, तो 'गोलीबारी शुरू हो जाएगी, जो पहले कभी नहीं देखी गई, उससे कहीं अधिक बड़ी, बेहतर और शक्तिशाली होगी।"

ईरान में 3 हज़ार मारे गए

ईरान के फोरेंसिक प्रमुख ने गुरुवार को बताया कि 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के दौरान पूरे ईरान में कथित तौर पर 3,000 से अधिक लोग मारे गए, और उन्होंने यह भी बताया कि मृतकों में से 40% की पहचान करने और उन्हें परिवारों को सौंपने के लिए फोरेंसिक जांच की आवश्यकता है।

हिज्बुल्लाह ने रॉकेट दागे

ईरान-यूएस सीज़फायर के बावजूद लेबनान में इसराइल का आतंक जारी है। वो वहां पर ग़ज़ा जैसे हालात पैदा कर रहा है। हिज़्बुल्लाह ने गुरुवार को कहा कि उसने जवाब में इसराइल की ओर रॉकेट दागे हैं। इससे एक दिन पहले ही उसने लेबनान में कई घातक इसराइली हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई करने के अपने "अधिकार" का दावा किया था, जिनमें सीमा के पास मनारा किबुत्ज़ को निशाना बनाना भी शामिल था।

होर्मुज़ में बारूदी सुरंगों पर ईरान ने चिन्ता जताई

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नेविगेशन संबंधी निर्देश जारी किए हैं, जिसमें महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के कुछ हिस्सों में समुद्री बारूदी सुरंगों के संभावित खतरे की चेतावनी दी गई है और यातायात को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से निर्देशित किया गया है। हालांकि लेबनान पर इसराइली हमले की वजह से ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है। यह कदम ऐसे समय आया है जब तेहरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम के तहत जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से फिर से खोलने पर सहमति जताई है। यह जलमार्ग एक महत्वपूर्ण वैश्विक मार्ग है, जिससे दुनिया की लगभग एक-पांचवीं तेल आपूर्ति होती है।
एएफपी के मुताबिक ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और समुद्री बारूदी सुरंगों के संभावित संपर्क से बचने के लिए जहाजों को संशोधित यातायात नियमों का पालन करना होगा। इस निर्देश में वाणिज्यिक जहाजों के लिए जोखिम को कम करने के उद्देश्य से विशिष्ट प्रवेश और निकास गलियारे तय किए गए हैं। प्रस्तावित योजना के तहत, ओमान से प्रवेश करने वाले जहाजों को खाड़ी में आगे बढ़ने से पहले लारक द्वीप के उत्तर की ओर जाना होगा। खाड़ी से बाहर निकलने वाले जहाजों को सलाह दी जाती है कि वे द्वीप के दक्षिण से गुजरें और खतरनाक क्षेत्रों के संपर्क में आने के जोखिम को कम करने के लिए तय मार्ग का अनुसरण करते हुए ओमान की ओर बढ़ते रहें।

अरागची ने सऊदी विदेश मंत्री से फोन पर बात की

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बात की। तेहरान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार सुबह टेलीग्राम के माध्यम से यह जानकारी दी। तेहरान ने बताया कि दोनों मंत्रियों ने "द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की।" हालांकि फोन कॉल का समय स्पष्ट नहीं किया गया। सऊदी अरब के सरकारी मीडिया ने बुधवार शाम स्थानीय समयानुसार एक बयान में कहा कि बिन फरहान को कतर, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और तुर्की के विदेश मंत्रियों के फोन आए थे, लेकिन इसमें ईरान का कोई जिक्र नहीं था। रियाद द्वारा प्रमुख शिया धर्मगुरु शेख निम्र अल-निम्र को फांसी दिए जाने के बाद सात साल के गतिरोध के बाद ईरान और सऊदी अरब ने 2023 में राजनयिक संबंध बहाल किए। हालांकि, ईरान ने युद्ध के दौरान सऊदी अरब में तेल रिफाइनरियों सहित कई ठिकानों पर बार-बार हमले किए हैं।

ट्रंप और नाटो में रस्साकशी जारी

यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो की निंदा करते हुए कहा है कि यह गठबंधन "तब मौजूद नहीं था जब हमें इसकी ज़रूरत थी और अगर हमें फिर से इसकी ज़रूरत पड़ी तो यह मौजूद नहीं होगा"। उन्होंने व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रुट्टे के साथ बंद कमरे में हुई बातचीत के तुरंत बाद यह बयान जारी किया। नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री रुट्टे जब मीडिया ने पूछा कि क्या ट्रंप ने गठबंधन छोड़ने की बात कही है, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया। रुट्टे ने कहा, "मैं बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं। वह स्पष्ट रूप से निराश हैं, और कई नाटो सहयोगी भी। और मैं उनकी बात समझ सकता हूं।" उन्होंने आगे कहा, "लेकिन साथ ही, मैं इस तथ्य की ओर भी इशारा कर सका कि अधिकांश यूरोपीय देशों ने बेसिंग, रसद, हवाई उड़ानों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद की है, और इस बात का भी व्यापक समर्थन है कि ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को कम करना वास्तव में महत्वपूर्ण है। इस समय केवल अमेरिका ही ऐसा करने में सक्षम है।"

अल अक्सा मस्जिद 40 दिनों बाद खुली

गुरुवार 9 अप्रैल को लोग यरुशलम की इस ऐतिहासिक मस्जिद में उमड़ पड़े। इसराइली अधिकारियों ने आखिरकार हफ्तों से चले आ रहे प्रतिबंधों को हटा दिया है। अल अक्सा पर अक्सर इसराइली पुलिस इस तरह की कार्रवाई करती रहती है।

रज़ा पहलवी ने ईरान में सत्ता परिवर्तन के अमेरिकी दावों का खंडन किया

ईरान के अंतिम शाह के निर्वासित पुत्र ने ईरान में तथाकथित “सत्ता परिवर्तन” के अमेरिकी दावों का खंडन किया है। रज़ा पहलवी ने फ्रांसीसी मीडिया से कहा- “कैसा सत्ता परिवर्तन? ये वही लोग हैं, शायद पहले से कमज़ोर हो गए हैं।” अमेरिका में रह रहे पहलवी ने “इस शासन को एक घायल जानवर की तरह खत्म करने” का आह्वान किया। अमेरिका में राजनीतिक कार्यक्रमों में बोलते हुए, उन्होंने पहले “ईरान को फिर से महान बनाने” का वादा किया था। पहलवी के पिता, मोहम्मद रज़ा पहलवी को 1979 की ईरान क्रांति में सत्ता से हटा दिया गया था।