इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा है कि इसराइल ने ईरान पर हमला कर दिया है। देशव्यापी आपातकाल घोषित कर दिया गया है। ईरान के 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यूएस ने ईरान पर हमला कर दिया है।
इसराइली हमले के बाद तेहरान की बिल्डिंग से धुआं उठता हुआ
इसराइल-ईरान युद्ध के ताज़ा अपडेट
- न्यूययॉर्क टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से कहा- अमेरिका भी ईरान पर हमला करने जा रहा है
- ईरानी मीडिया ने कहा कि मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई हैं, इंटरनेट धीमा हो गया है
- ईरान के इन शहरों पर बमबारी- तेहरान, क़ुम, इस्फ़हान, करमानशाह और कारज
- ईरान के अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हम जल्द ही करारा हमला करेंगे
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान- हमने ईरान पर हमला कर दिया है। हम उन्हें तबाह कर देंगे
- कई हफ्ते पहले यूएस इसराइल ने हमले की तारीख तय कर ली थी। ध्यान रहे दूसरी तरफ ईरान से बात भी हो रही थी
- ईरान ने इसराइल पर मिसाइलों से जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। इसराइल डिफेंस फोर्सेज ने पुष्टि की
- अमेरिका में रह रहे ईरान के पूर्व शासक के बेटे रज़ा पहलवी के बेटे ने वीडियो बयान में कहा- हम अंतिम जीत के बिल्कुल करीब
- ईरान ने बहरीन, अबू धाबी, कतर, जॉर्डन में कई अमेरिकी युद्ध ठिकानों पर मिसाइल दागी, विस्फोट की आवाजें
- उत्तरी इसराइल में ईरानी मिसाइल से बड़ी बिल्डिंग तबाह
इसराइल ने शनिवार 28 फरवरी को ईरान पर बड़ा सैन्य हमला शुरू किया है। कुछ ही देर बाद यूएस ने भी ईरान पर हमला कर दिया। रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने घोषणा की कि इसराइल ने ईरान के ख़िलाफ़ "पूर्वनियोजित हमला" (preemptive strike) किया है ताकि "इसराइल राज्य के लिए ख़तरे को दूर किया जा सके"। तेहरान में विस्फोटों की तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ धुआँ उठता दिख रहा है। हमले के दो घंटे बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बयान देकर पुष्टि की है कि अमेरिका ने भी ईरान पर हमला कर दिया है। इसराइल और अमेरिका की इस हरकत के बाद पूरे मिडिल ईस्ट का संकट बढ़ गया है।
ईरान पर ये हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ईरान से जेनेवा, ओमान में बातचीत कर रहा था। इस दौरान उसने मिडिल ईस्ट में अपने लड़ाकू विमान और अन्य हथियार तैनात कर दिए थे।
रक्षा मंत्री काट्ज़ ने कहा, "पूरे इसराइल में तत्काल आपातकाल घोषित किया गया है।" इसराइल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) होम फ्रंट कमांड ने पूरे देश में सायरन बजाए हैं और नागरिकों को बम शेल्टर के पास रहने की सलाह दी है, हालांकि अभी शेल्टर में जाने की ज़रूरत नहीं बताई गई है। IDF ने कहा कि यह "सक्रिय अलर्ट" मिसाइल हमलों की संभावना के मद्देनज़र है।
इसके साथ ही इसराइल ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया है और सभी नागरिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। होम फ्रंट कमांड ने शिक्षा, सभाएँ और आवश्यक क्षेत्रों को छोड़कर सभी काम-काज पर प्रतिबंध लगा दिया है।
अमेरिका हमले में शामिल
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी हमले फिलहाल सैन्य ठिकानों पर केंद्रित हैं, लेकिन चल रहे अभियान का हवाला देते हुए उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमलों का उद्देश्य ईरानी सैन्य खतरे का मुकाबला करना और अमेरिकी सेना की सुरक्षा करना है। पहले अधिकारी ने बताया कि कार्रवाई से पहले अमेरिका ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए उपाय किए थे।
अमेरिकी न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई तेहरान में नहीं हैं और उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को रॉयटर्स को बताया।
खबरों में बताया गया है कि ईरान के प्रमुख शहर तेहरान, क़ुम, इस्फ़हान, करमानशाह और कारज में विस्फोट सुने गए।
एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि शनिवार को इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अधिकारी ने कहा कि जवाबी कार्रवाई करारी होगी।
ईरान पर हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हुए हमलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनके कुछ प्रमुख बयान इस प्रकार हैं: कुछ समय पहले अमेरिका ने ईरान में बड़े सैन्य अभियान शुरू किए। हमारा उद्देश्य ईरानी शासन से उत्पन्न होने वाले सभी खतरों को समाप्त करके अमेरिकी जनता की रक्षा करना है। ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने का प्रयास किया। ईरान लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा है जो अमेरिका और अन्य देशों के लिए खतरा हैं। हम उनकी मिसाइलों को नष्ट कर देंगे और उनके मिसाइल उद्योग को पूरी तरह से ध्वस्त कर देंगे। हम उनकी नौसेना को नष्ट कर देंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट से ईरान पर अमेरिकी हमलों पर लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर हमलों के पीछे का कारण बताया, ईरानियों से सरकार पर कब्जा करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि इसमें अमेरिकी नागरिकों की जान जा सकती है।
- एक इसराइली रक्षा अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि शनिवार को ईरान के खिलाफ इसराइल का अभियान अमेरिका के कोऑर्डिनेशन से चलाया गया था। अधिकारी ने आगे बताया कि इस अभियान की योजना महीनों पहले बनाई गई थी और इसकी शुरुआत की तारीख हफ्तों पहले तय कर ली गई थी।
ईरान का जवाबी हमला
कुछ देर पहले, रक्षा विभाग ने ईरान से इसराइल की ओर दागी गई मिसाइलों का पता लगाया। इस खतरे को रोकने के लिए रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय हैं। पिछले कुछ मिनटों में, गृह रक्षा कमान ने संबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन पर सीधे एहतियाती निर्देश भेजे हैं। ईरान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद उत्तरी इसराइल में सायरन बजने लगे। इलाके में मौजूद इसराइलियों को सुरक्षित कमरों में जाने के लिए कहा गया है।
- ईरान ने बहरीन, अबू धाबी, कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।
इसराइल के चैनल 12 के अनुसार, उत्तरी इसराइल में ईरानी मिसाइलों को रोके जाने के बाद एक नौ मंजिला इमारत पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति को इंटरसेप्टर मिसाइलों के छर्रों से मामूली चोटें आईं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि एक अपार्टमेंट को व्यापक क्षति पहुंची है।
हम अंतिम जीत के बेहद करीबः रज़ा पहलवी
वाशिंगटन में निर्वासन में रह रहे रज़ा पहलवी ने एक ऑनलाइन वीडियो संबोधन में कहा, "हम अंतिम जीत के बेहद करीब हैं। मैं जल्द से जल्द आपके साथ आना चाहता हूं ताकि हम मिलकर ईरान को वापस ले सकें और उसका पुनर्निर्माण कर सकें।"
इसराइल में भारतीयों को एलर्ट किया गया
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर सभी भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की है। भारतीयों को "अत्यंत सावधानी" बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है, साथ ही इजरायली अधिकारियों और गृह मोर्चा कमान के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। निवासियों से आग्रह किया जाता है कि वे निर्धारित आश्रय स्थलों के पास रहें, गैर-जरूरी यात्रा से बचें और स्थानीय समाचारों और आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें।
अमेरिका-ईरान बातचीत के दौरान हमला
अमेरिका और ईरान ने दशकों पुराने विवाद को कूटनीति के माध्यम से सुलझाने और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर सकने वाले सैन्य टकराव के खतरे को टालने के प्रयास में फरवरी में बातचीत फिर से शुरू की। हालांकि, इसराइल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान के साथ किसी भी अमेरिकी समझौते में तेहरान के परमाणु ढांचे को नष्ट करना शामिल होना चाहिए, न कि केवल संवर्धन प्रक्रिया को रोकना, और उसने वाशिंगटन से बातचीत में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने को शामिल करने का आग्रह किया।
ईरान ने कहा कि वह प्रतिबंध हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन उसने इस मुद्दे को मिसाइलों से जोड़ने से इनकार कर दिया। तेहरान ने यह भी कहा कि वह किसी भी हमले से अपना बचाव करेगा। उसने अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों को चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन ईरान पर हमला करता है तो वह अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।