ईरान पर थोपे गए युद्ध का सोमवार 23 मार्च को 24वां दिन है। इसराइल ने ईरान के कई शहरों में आबादी पर बम बरसाए हैं। कई शहरों में धमाके सुने गए। ईरान ने कहा कि अगर उसके पावर प्लांट को नुकसान पहुंचा तो अंजाम बुरे होंगे। आज के ताजा अपडेटः
ईरान युद्ध का होर्मुज फ्लैशप्वाइंट बन गया है। यूएस ईरान पर बड़ा हमला करने वाला है
ईरान पर थोपा गया युद्ध चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। लेकिन जिस तरह से दोनों तरफ से धमकियां दी जा रही हैं, उसने इस युद्ध को और खतरनाक बना दिया है। यूएस राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे में होर्मुज खाली करने या पावर प्लांट्स पर हमले का सामना करने की धमकी दी थी। ईरान ने इसका जवाब दिया कि वो मिडिल ईस्ट में अमेरिका के पावर प्लांट्स, इसराइल के पावर प्लांट्स को नहीं छोड़ेगा। लेकिन अब जबकि 48 घंटे की समय सीमा नज़दीक आ गई है, ईरान ने नई धमकी दी है। उसने कहा कि वो बारूदी सुरंगे बिछा देगा। इस बीच इसराइल ने ईरान पर हमले तेज़ कर दिए हैं। ईरान को सोमवार के हमले में काफी नुकसान पहुंचा है।
ईरान ने बारूदी सुरंगे बिछाने की चेतावनी दी
ईरान की रक्षा परिषद ने सोमवार को कहा कि अगर ईरान के पावर प्लांट्स या द्वीपों पर हमला हुआ तो वह पूरे फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछाकर रास्ता रोक देगी। फ़ार्स न्यूज़ के अनुसार, उच्च स्तरीय सुरक्षा निकाय के बयान में कहा गया है, "युद्धरत देशों के अलावा अन्य देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का एकमात्र रास्ता ईरान के साथ तालमेल करना है।" यानी ईरान से तालमेल करके ही वो होर्मुज पार कर सकते हैं।
ईरान रक्षा परिषद ने कहा, "ईरानी तटों या द्वीपों पर हमला करने के किसी भी शत्रु प्रयास" के नतीजे में "फारस की खाड़ी और तटों के सभी पहुंच मार्गों और संचार लाइनों में विभिन्न नौसैनिक बारूदी सुरंगें बिछाई जाएंगी। पूरी फारस की खाड़ी प्रभावी रूप से अवरुद्ध हो जाएगी, और इसकी जिम्मेदारी धमकी देने वाले की होगी।" यह चेतावनी ईरान की सेना द्वारा यह घोषणा करने के बाद आई है कि अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों पर बमबारी करेगा। इस पर ईरान ने कहा था कि वो होर्मुज समुद्री मार्ग को बंद कर देगा और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे पर हमला करेगी।
सऊदी एयरबेस और बहरीन में अमेरिका की पांचवी फ्लीट पर हमला
ईरान का दावा है कि उसकी सेनाओं ने सऊदी अरब के एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी पांचवी फ्लीट पर हमला किया। आईआरजीसी के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि उसकी सेनाओं ने मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर हमला किया। इस समूह ने यह भी दावा किया कि प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर अमेरिकी टोही विमान तैनात हैं, जिसे बाद में बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। समूह ने इसे अमेरिकी सैन्य तैनाती और अभियानों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी और पश्चिमी भागों में भी भीषण विस्फोटों की खबरें मिली हैं। अमेरिका और इसराइल द्वारा जारी हवाई हमलों के चलते कई अन्य शहरों में भी विस्फोटों की खबरें आई हैं। बंदर अब्बास में एक रेडियो स्टेशन को निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। खोरमाबाद और उर्मिया में भी दो आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जिनमें आम नागरिकों की जान गई। यह कोई नई बात नहीं है। अब तक 1,500 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह संख्या बढ़ने की आशंका है।
अहवाज़ में अस्पताल को निशाना बनाया गया
इस्फ़हान, कराज और अहवाज़ में भी भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। अहवाज़ में हमें खबर मिली है कि विस्फोटों के परिणामस्वरूप एक अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गया है। कुल मिलाकर, ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने कहा है कि 80,000 से अधिक नागरिक इकाइयों को निशाना बनाया गया है, जिनमें से कुछ पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। बेशक, इस संख्या में अस्पताल, स्कूल, शैक्षणिक संस्थान और रेड क्रिसेंट की सुविधाएं शामिल हैं।ईरान के क़ुम में ड्रोन इंजन प्लांट पर यूएस का हमला
यूएस की सेंट्रल कमान के मुताबिक, अमेरिका ने क़ुम में ईरानी ड्रोन से जुड़े इंजन उत्पादन संयंत्र पर हमला किया। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने उत्तर-मध्य ईरान के क़ुम प्रांत में स्थित एक टरबाइन इंजन उत्पादन प्लांट को निशाना बनाया है, जिसका इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े ड्रोन और विमान घटकों के निर्माण में किया जाता था। सेंटकॉम ने X पर एक पोस्ट में कहा, "क़ुम टरबाइन इंजन उत्पादन संयंत्र ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हमलावर ड्रोन और विमान घटकों के लिए गैस टरबाइन इंजन का उत्पादन करता था।" सेंटकॉम ने संयंत्र की हमले से पहले और बाद की तस्वीरें साझा कीं। 6 मार्च, 2026 की एक तस्वीर में संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित दिख रहा है, जबकि तीन दिन बाद ली गई दूसरी तस्वीर में अमेरिकी हवाई हमलों के बाद व्यापक क्षति दिखाई दे रही है।
सऊदी अरब ने ड्रोन हमला रोका
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसकी सेनाओं ने देश के पूर्वी क्षेत्र में दो ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है। सोमवार को सऊदी वायु रक्षा बलों ने उसी क्षेत्र में एक और ड्रोन को रोका, साथ ही रियाद को निशाना बनाकर दागी गई एक मिसाइल को भी नाकाम किया। एक और मिसाइल खुले मैदान में गिरी।
इसराइल के सफ़ेद शहर में खतरनाक टुकड़े गिरे
इसराइल के चैनल 12 के अनुसार, इसराइली सेना ने ईरान से दागी गई "सीमित संख्या में मिसाइलों" को रोका है, जिनके टुकड़े उत्तरी शहर सफ़ेद में गिरे हैं। ऐसे टुकड़े भी जानलेवा होते हैं। चैनल 12 ने बताया कि इस हमले से हाइफ़ा शहर सहित उत्तरी इसराइल में दहशत फैल गई, लेकिन इसमें कोई घायल या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। यह हमला इसराइल में कुछ घंटों की शांति के बाद हुआ है।