ईरान ने इसराइल के दिमोना और अराद शहरों पर मिसाइल से हमला किया है। इन दोनों शहरों में इसराइल की परमाणु साइट है। इन हमलों के बाद अराद में काफी तनाव है। दोनों स्थानों पर 180 लोग घायल हुए हैं। हालांकि 9 लोगों के मारे जाने की सूचना है लेकिन इसराइल ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। अराद में इसराइल के एक मंत्री जब हालात का जायज़ा लेने पहुंचे तो उनके खिलाफ प्रदर्शन हुआ। लोगों ने उन्हें वापस जाने को कहा। इसराइल के जाने-मान एक्टिविस्ट ईरान युद्ध का जमकर विरोध कर रहे हैं।
मशहूर इसराइली शांति एक्टिविस्ट यारिव ओपेनहाइमर ईरानी हमलों के बाद जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने दिमोना और अराद पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के बाद इसराइली सरकार से सख्त सवाल किया है। ओपेनहाइमर, जो एक मानवाधिकार कार्यकर्ता और पूर्व राजनेता हैं, कहते हैं कि सरकार को “जवाबदेह” ठहराया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि ईरान के पास हथियार लगभग खत्म हो चुके हैं, जबकि ईरानी हमले अभी भी जारी हैं।

उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा कि सरकार इसराइली जनता को यह नहीं बता रही कि देश के इंटरसेप्टर (मिसाइल रक्षा प्रणाली) ईरान के नवीनतम हमलों के खिलाफ कैसे फेल हो गए। ओपेनहाइमर ने स्पष्ट आरोप लगाया: “वे हमें नहीं बता रहे कि इसराइल पर कितने मिसाइल दागे गए, कितने मिसाइल अपने टारगेट पर लगे, कितने लॉन्चर वाकई नष्ट हुए, और कितने लॉन्चर तथा मिसाइल अभी भी बचे हुए हैं।”

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यह बयान ईरान के दिमोना (इसराइल के मुख्य परमाणु शोध केंद्र के पास) और अराद शहरों पर हमले के तुरंत बाद आया है। इन हमलों में 180 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। एक अलग पोस्ट में ओपेनहाइमर ने लिखा: “जनता को धोखा देने और उसे जो सुनना चाहता है, वही बताने की काफी है। सच्चाई बोलो।”

इसराइली मंत्री का अराद शहर में विरोध

यारिव ओपेनहाइमर का मुख्य तर्क यह है कि युद्ध के समय में भी सरकार जनता से हकीकत छिपा रही है। वे दावा करते हैं कि ईरान की क्षमता को जानबूझकर कम करके आंका जा रहा है ताकि जनता में आत्मविश्वास बना रहे, लेकिन वास्तविकता अलग है। दिमोना परमाणु सुविधा के पास हमला बेहद संवेदनशील है क्योंकि यह इसराइल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा है। ओपेनहाइमर की मांग है कि सरकार पूरे डेटा सार्वजनिक करे- मिसाइलों की संख्या, हिट रेट, इंटरसेप्शन की विफलता और ईरान के बचे हथियारों की जानकारी। इससे जनता को सही तस्वीर मिल सके और सरकार जवाबदेह बने। अराद शहर में इसराइली राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गिविर के खिलाफ प्रदर्शन हुए। उन्होंने मंत्रीपद से हटाने की मांग की।
 

इसराइल में युद्ध विरोधी आवाज़ें तेज़ हो रही हैं

इस युद्ध (2026 इसराइल-ईरान संघर्ष) के खिलाफ इसराइल के अंदर कई स्वतंत्र आवाजें सक्रिय हैं, जो सरकार की नीतियों, पारदर्शिता की कमी और अनावश्यक युद्ध को “अपराधी” और “बेकार” बता रही हैं। यारिव ओपेनहाइमर अकेले नहीं हैं। उनके अलावा भी कुछ प्रमुख स्वतंत्र आवाजें हैं:

नोआ लेवी (Noa Levy) 

हदाश (Hadash) संगठन की डिप्टी चेयरवुमन हैं। उनके तेल अवीव के अपार्टमेंट को ईरानी मिसाइल के शार्पनल से नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा: “हमारा अपार्टमेंट भी मिसाइल से क्षतिग्रस्त हुआ और हम शहर छोड़कर चले गए, क्योंकि यह नया अनावश्यक और अपराधी युद्ध है। क्या आप वाकई सोचते हैं कि बीबी (नेतन्याहू) और ट्रंप ईरानी लोगों की आजादी के लिए हमला कर रहे हैं? ग़ज़ा, इराक और अफगानिस्तान की तरह यह भी झूठ है। यह लुटेरे बारों (robber barons) का युद्ध है, जनता के हित में नहीं।” उन्होंने युद्ध को “जनता की कीमत पर” बताया।

लॉरेंस शेनकिन (Lawrence Shenkin) 

23 वर्षीय ऑर्थोडॉक्स यहूदी युवा, तेल अवीव और यरुसलम में युद्ध-विरोधी प्रदर्शनकारी। उन्होंने कहा: “मेरा गॉड नहीं चाहता कि देश की उसके नाम पर युद्ध करे और लगातार हजारों लोगों को मारे।” उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा– “One, two, three, four, we don’t want your fucking war!”

मिटान (Mitan) 

46 वर्षीय महिला प्रदर्शनकारी। उन्होंने कहा: “ट्रंप और बीबी ने हमें एक और बेकार युद्ध में घसीटा। वे हमें चुप रखने की कोशिश करते हैं लेकिन हम घर पर नहीं बैठ सकते।” मिटान इसराइली सरकारी मीडिया “पागल रेडिकल” कहती है। लेकिन मिटान का इसकी परवाह किए बिना विरोध जारी है।

तेल अवीव के व्यापक प्रदर्शनकारी समूह

हजारों इसराइली नागरिक तेल अवीव में सड़कों पर उतरकर “ईरान युद्ध समाप्त करो” और “हिजबुल्लाह संघर्ष भी खत्म” की मांग कर रहे हैं। वे आरोप लगा रहे हैं कि सरकार कोई स्पष्ट लक्ष्य या समयसीमा नहीं बता रही, लाखों लोग शेल्टर में हैं और युद्ध का कोई अंत नहीं दिख रहा। वे कहते हैं कि सरकार जनता को अंधेरे में रख रही है।

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ये आवाजें मुख्यधारा का मीडिया, विपक्षी दलों का समर्थन नहीं मिलने के बावजूद सक्रिय हैं और युद्ध को “अनावश्यक”, “लोकतंत्र-विरोधी” और “जनता की कीमत पर” बता रही हैं। वे पारदर्शिता, जवाबदेही और शांति की मांग कर रही हैं- ठीक यारिव ओपेनहाइमर की तरह। ये स्वतंत्र आवाजें दिखाती हैं कि इसराइल में युद्ध का विरोध पूरी तरह दबा नहीं है।