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एंटीगुआ में 'चैन' से रह रहा चोकसी क्या लड़की के हनीट्रैप में फँस गया?

भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी क्या हनीट्रैप का शिकार हो गया और अब डोमिनिका में फँस गया है? बिल्कुल फ़िल्मी अंदाज़ में! उन फ़िल्मों की तरह जिसमें शिकार को फँसाने के लिए किसी लड़की की मदद लेते हुए दिखाया जाता है। चोकसी के परिवार का तो कम से कम ऐसा ही आरोप है, ख़ासकार चोकसी की पत्नी तो सीधे आरोप लगाती हैं।

इन आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह समझने के लिए पहले इसके पूरा घटनाक्रमों को जानिए। चोकसी जनवरी 2018 यानी तीन साल से एंटीगुआ में था और सब कुछ सामान्य चल रहा था कि 23 मई को चौंकाने वाली ख़बर आई। ख़बर थी चोकसी के लापता होने की। चौंकाने की ख़बर इसलिए थी कि वह 13 हज़ार करोड़ के पीएनबी ऋण घोटाले में आरोपी है। परिवार ने ग़ायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन दो दिन बाद ही 25 मई को इसमें तब अचानक नया मोड़ आ गया जब डोमिनिका में अवैध रूप से घुसने के लिए चोकसी को गिरफ़्तार कर लिया गया। अगले ही दिन डोमिनिका की अदालत में चोकसी के वकीलों की टीम तैयार थी। इसने आरोप लगाया चोकसी लापता नहीं हुए थे बल्कि उन्हें अगवा किया गया, मारपीट की गई और उन्हें डोमिनिका ले आया गया। 

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मीडिया में रिपोर्ट आई कि इसके एक दिन बाद ही यानी 27 मई को एक निजी जेट डोमिनिका में चोकसी को लाने पहुँचा। सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध बॉम्बार्डियर ग्लोबल 5000 कतर कार्यकारी बिजनेस जेट की जानकारी है कि वह जेट दोहा से दिल्ली 27 मई की दोपहर को आया और फिर डोमिनिका में डगलस चार्ल्स एयरपोर्ट के लिए चला गया। उसी दौरान एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत से एक जेट डोमिनिका में चोकसी को ले जाने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि चोकसी एंटीगुआ से अपनी गर्लफ्रेंड के साथ समय बिताने के लिए डोमिनिका में गया था और उसने यही बड़ी ग़लती कर दी। 

डोमिनिका के प्रधानमंत्री ने जिस 'गर्लफ्रेंड' का ज़िक्र किया है उसको चोकसी के परिवार वाले हनीट्रैप वाली लड़की होने का आरोप लगा रहे हैं। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि उनके मुवक्किल को फँसाया गया है। उन्होंने कहा कि एंटीगुआ के मीडिया में उस महिला की पहचान बुल्गारिया की बारबरा जराबिका के रूप में बताई गई है। रिपोर्टों में कहा गया है कि चोकसी उससे पिछले छह महीने से मिल रहा था। अग्रवाल के अनुसार महिला ने मॉर्निंग वॉक पर उनसे दोस्ती की और फिर उन्हें अगवा किए जाने में मदद की। 

मीडिया इंटरव्यू में चोकसी की पत्नी प्रीति ने हनीट्रैप के लिए भारतीय एजेंसियों को दोषी ठहराया है। प्रीति के अनुसार, 'बारबरा नाम की एक महिला, जो रिनोवेशन उद्योग से होने का दावा करती थी, अक्सर एंटीगुआ आती-जाती रहती थी और चोकसी से मिलती थी।'

चोकसी की पत्नी ने आरोप लगाया कि 23 मई की शाम को बारबरा ने चोकसी को एंटीगुआ के जॉली हार्बर में बुलाया और उसे अपने साथ एक अपार्टमेंट में जाने के लिए कहा, जिसे खरीदने में उसकी दिलचस्पी थी। उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब वह वहाँ गए तो 8-10 लोग आए, उनको बुरी तरह पीटा, व्हीलचेयर से बांध दिया और मुँह पर टेप चिपका दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें डोमिनिका ले जाया गया और अगले दिन एंटीगुआ से बारबरा ग़ायब हो गई। उन्होंने पूछा कि 'अब बताएँ मेरे पति को अगवा करने में किसकी दिलचस्पी होगी?' 

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प्रीति ने उस याट यानी जहाज पर दो लोगों की पहचान बताई जो उस दिन चोकसी के साथ थे। उन्होंने कहा कि गुरमीत और गुरजीत दो लोग साथ थे और याट का जीपीएस भी बंद कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पति की नरेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति से बात कराई गई जो उसे बार-बार भारत लौटने में सहयोग करने को कह रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पति चोकसी को गुपचुप तरीक़े से भारत ले जाया गया होता यदि डोमिनिका का मीडिया नहीं होता और उसने लॉक अप में उनकी तसवीरें व ख़बरें नहीं छापी होतीं। 

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बता दें कि जब तक भारत की टीम डोमिनिका में पहुँची थी तब तक चोकसी के शरीर पर ख़ून के धब्बे और घाव की तसवीरें कैरीबियाई मीडिया में छप चुकी थीं। 

हालाँकि इस पूरे मामले में कई सवाल अनुत्तरित हैं और कई तथ्यों की पुष्टि की जानी है। सरकार की तरफ़ से इस मामले में ज़्यादा प्रतिक्रिया आई नहीं है। अभी तक अधिकतर चोकसी के परिवार के आरोप ही आए हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि ये आरोप कितने सही हैं यह डोमिनिका की अदालत में साफ़ होंगे और वहीं अनुत्तरित सवालों के जवाब भी मिलेंगे। 

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