अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने मुजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर नियुक्त किया है। हालांकि यह ईरान की परंपरा के विपरीत है। लेकिन यह फैसला रणनीतिक रूप से लिया गया है। इसमें आईआरजीसी की मुख्य भूमिका है।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई
मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध और अस्थिरता के बीच, ईरान ने मुजतबा खामेनेई को अपना नया सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) नियुक्त किया है। यह फैसला उनके पिता, अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिकी-इसराइली हमले में हुई हत्या के ठीक एक सप्ताह बाद लिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि बिना अमेरिका की अनुमति अगर नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया जाता है तो फिर युद्ध लंबा खिंचेगा। ट्रंप ने कहा था कि नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति में उनका दखल होना चाहिए। इसराइल पहले ही घोषणा कर चुका है कि जो भी नया सुप्रीम लीडर बनेगा, वो उसकी भी हत्या कर देगा।
56 वर्षीय मुजतबा खामेनेई अब 47 वर्षों के इस्लामी गणराज्य के इतिहास के सबसे बड़े संकट के समय देश का नेतृत्व करेंगे। ईरान युद्ध में उनके पिता, मां, पत्नी, बहनोई, भांजी, बेटा आदि मारे जा चुके हैं।
आईआरजीसी की मुख्य भूमिका
रविवार को ईरान के मौलवियों की परिषद ने मुजतबा के नाम पर मुहर लगाई। उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद ईरान की शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सशस्त्र बलों ने नए नेता के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की है। दरअसल, ईरान की एकजुटता और खुमैनी-खामेनेई की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए आईआरजीसी मुजतबा को इस पद पर चाहता था। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव डॉ अली लारिजानी ने देश से नए नेता के पीछे एकजुट होने का आह्वान किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इस चुनाव का स्वागत करते हुए इसे एक "धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य" बताया है।
मुजतबा ने कभी कोई सार्वजनिक चुनाव नहीं लड़ा है, लेकिन वे दशकों से अपने पिता की कोर कमेटी में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति रहे हैं।
वे हुजतुलइस्लाम (मध्य-स्तर के मौलवी) की रैंक रखते हैं। उन्होंने शिया धर्मशास्त्र के केंद्र क़ुम (Qom) के मदरसों में शिक्षा प्राप्त की है।
उन्हें उनके पिता का "गेटकीपर" माना जाता था और IRGC के साथ उनके गहरे संबंध हैं।
जिससे दुश्मन नफरत करे, वही सुप्रीम लीडर
विशेषज्ञों का मानना है कि मुजतबा का चयन ईरान के कट्टरपंथी धड़े की मजबूती को दर्शाता है। मुजतबा अपने पिता की तरह ही अमेरिका और इसराइल के प्रति सख्त रुख रखते हैं, जिससे निकट भविष्य में किसी भी समझौते या बातचीत की संभावना कम नजर आती है।असेम्बली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य हैदरी अलकासिर ने कहा कि मुजतबा का चयन दिवंगत खामेनेई की उस सलाह पर आधारित है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के शीर्ष नेता को "दुश्मनों द्वारा नफरत की जानी चाहिए, तारीफ नहीं।"
एपस्टीन गैंग कैसे तय कर सकता है सुप्रीम लीडर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही मुजतबा खामेनेई को "अस्वीकार्य" विकल्प बताया था। रविवार को ट्रंप ने फिर से दोहराया कि वाशिंगटन की मंजूरी के बिना ईरान का कोई भी नया नेता "ज्यादा टिक नहीं पाएगा।" दूसरी ओर, इसराइली सेना ने भी चेतावनी दी है कि वे किसी भी उत्तराधिकारी को निशाना बनाने से नहीं हिचकिचाएंगे। इसके जवाब में ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी हस्तक्षेप को सिरे से खारिज कर दिया है। संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान का भाग्य ईरानी जनता तय करेगी, न कि "एपस्टीन के गैंग" (Jeffrey Epstein)।
ईरान पर 'काले आसमान' और लंबी लड़ाई की तैयारी
जिस समय तेहरान में नए नेता का चयन हो रहा था, उस समय शहर का आसमान काले धुएं से भरा था। इसराइल ने तेहरान के आसपास की पांच तेल सुविधाओं पर हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया है। युद्ध के नौवें दिन IRGC ने स्पष्ट किया है कि उनके पास अगले छह महीनों तक मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने चेतावनी दी कि ईरान आने वाले दिनों में अपनी "एडवांस और लंबी दूरी की मिसाइलों" का इस्तेमाल करेगा।