अली लारिजानी की हत्या पर मुजतबा खामेनेई ने सख्त चेतावनी दी है कि दोषी अपराधियों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान की इस प्रतिक्रिया से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। जानिए पूरा मामला।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी की हत्या का बदला लेने की ठानी है। मुजतबा ने कहा, 'अपराधियों को जल्द ही उनके खून का हिसाब चुकाना पड़ेगा।' यह बयान अमेरिका और इसराइल पर सीधा इशारा करता है, जिन्हें लारिजानी की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
अली लारिजानी ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी थे। वे ईरान की सुरक्षा और राजनीति में बहुत बड़े और प्रभावशाली व्यक्ति थे। 17 मार्च को इसराइल ने एक हवाई हमले में उन्हें मार गिराया। इस हमले में उनके बेटे और कुछ गार्ड भी मारे गए। साथ ही बसिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की भी मौत हुई। यह युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान के सबसे बड़े नेताओं में से एक की मौत है।
यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। अमेरिका और इसराइल के हमलों में पहले सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए थे। उसके बाद 3 से 8 मार्च तक एक्सपर्ट्स की असेंबली ने मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना। वे 9 मार्च को आधिकारिक तौर पर लीडर बने। लेकिन अभी तक मुजतबा सार्वजनिक रूप से ज्यादा नजर नहीं आए हैं, और उनके स्वास्थ्य या जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
लारिजानी की मौत से ईरान की लीडरशिप को बड़ा झटका लगा है। वे धार्मिक परिवार से थे और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से भी अच्छे संबंध रखते थे। वे युद्ध के दौरान राजनीति और सेना के बीच पुल का काम करते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे अनुभवी लोगों की कमी से फैसले लेना मुश्किल हो सकता है। मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एलेक्स वतांका ने कहा कि कई बड़े नेताओं की मौत से ईरान की नीतियां और फैसले प्रभावित हो सकते हैं।
ईरान का सिस्टम मजबूत है, लेकिन इतने सारे हमलों और मौतों से नेतृत्व में खलबली मच सकती है। लारिजानी जैसे व्यक्ति की जगह भरना युद्ध के बीच बहुत कठिन है। इससे फैसले धीमे हो सकते हैं और सरकार विभाजित हो सकती है।
मुजतबा खामेनेई का यह बयान ईरान की तरफ से बदले का संकेत है। उन्होंने कहा कि अपराधी जल्द सजा पाएंगे। ईरान पहले ही लारिजानी की मौत के जवाब में इसराइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर चुका है।
यह युद्ध अब और तेज हो गया है। इसराइल ने भी कहा है कि वह मुजतबा खामेनेई को भी निशाना बनाएगा। क्षेत्र में तनाव चरम पर है और शांति की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। ईरान का कहना है कि वह तब तक लड़ता रहेगा जब तक दुश्मन हार नहीं मान लेते।