नेपाल चुनाव के नतीजे क्या वहाँ बड़े बदलाव लाने वाले साबित होंगे? क्या नेपाल बगैर राजशाही चल भी पाएगा? क्या देश में लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत होंगी?
कभी नेपाली कांग्रेस की पहुँच समाज के हर वर्ग और क्षेत्र तक थी। वह खुद में एक इंद्रधनुष जैसा संगठन था। लेकिन उसके कमजोर पड़ने के साथ बिखराव बढ़ा। अब अगर उसकी पहल पर पाँच दलों का गठबंधन बना और एकजुट चुनाव लड़ा गया तो यह नई शुरुआत है।