इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को उन दावों को खारिज किया कि इसराइल ने अमेरिका को ईरान के साथ अपने संघर्ष में घसीटा है। उन्होंने ऐसी खबरों को "फर्जी खबर" बताया। उन्होंने यह भी दावा किया कि 20 दिनों के युद्ध के बाद, ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइल बनाने या यूरेनियम संवर्धन करने की "कोई क्षमता नहीं" है। उसने अपनी ताकत खो दी है। नेतन्याहू काफी समय बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। उनके गायब रहने की वजह से तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सारी अटकलें खारिज हो चुकी हैं।

मैं ज़िन्दा हूंः नेतन्याहू

अपने स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों पर तंज़ करते हुए नेतन्याहू ने अपने संबोधन की शुरुआत की और कहा, "सबसे पहले तो मैं यह कहना चाहता हूं कि मैं जीवित हूं।" उन्होंने वाशिंगटन के साथ तालमेल की तारीफ करते हुए अमेरिका-इसराइल साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "हम पूरे मिडिल ईस्ट की रक्षा कर रहे हैं- और मैं यह कहने का साहस करता हूं कि पूरी दुनिया की।" नेतन्याहू ने आगे कहा कि ईरान के मुद्दे पर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की राय एक जैसी है और दुनिया ट्रम्प की ऋणी है।
नेतन्याहू का यह बयान 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इसराइल संयुक्त सैन्य अभियान के करीब 20 दिनों बाद आया है। इन हमलों में ईरान के मिसाइल और ड्रोन कारखानों, परमाणु हथियारों के घटकों के उत्पादन स्थलों, वायु रक्षा प्रणालियों, नौसेना और वायुसेना को निशाना बनाया गया है। नेतन्याहू के अनुसार, ईरान की वायु रक्षा प्रणाली बेकार हो चुकी है, उसकी नौसेना समुद्र में डूब चुकी है और वायुसेना लगभग नष्ट हो गई है। उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडार को "भारी नुकसान" पहुंचाया गया है और इन्हें पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

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नेतन्याहू ने ईरान के नेतृत्व में अस्थिरता के संकेत बताए। उन्होंने कहा कि ईरान के शीर्ष अधिकारियों के बीच "बहुत तनाव" है और राजनीतिक व सैन्य नेतृत्व में दरारें दिख रही हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान में कौन सत्ता संभाल रहा है। उन्होंने ईरानी लोगों से अपील की कि वे खुद फैसला करें और सही समय पर उठ खड़े हों। 
प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ गठजोड़ की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों नेता ईरान पर "एक ही नजरिया" रखते हैं और दुनिया पर ट्रम्प की "गहरी कृतज्ञता का कर्ज" है। नेतन्याहू ने इस बात को खारिज किया कि इसराइल ने अमेरिका को युद्ध में खींचा है। उन्होंने कहा, "क्या कोई सच में सोच सकता है कि कोई राष्ट्रपति ट्रम्प को निर्देश दे सकता है? छोड़िए ना।" नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप के अनुरोध पर इसराइल ने ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्रों पर हमले रोक दिए हैं।
नेतन्याहू ने जमीनी कार्रवाई की संभावना पर कहा कि "जमीनी हमले के कई विकल्प हैं," लेकिन उन्होंने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया। उन्होंने अपने स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों पर भी टिप्पणी की और कहा, "सबसे पहले, मैं जीवित हूं।"
अगर आप पर्याप्त बलवान, निर्दयी और ताकतवर हैं, तो "बुराई भी अच्छाई पर विजय प्राप्त कर लेती है।
नेतन्याहू प्रेस कॉन्फ्रेंस में
इसराइली पीएम की यरुशलम में प्रेस कॉन्फ्रेंस
यह युद्ध ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने के मकसद से शुरू हुआ था। नेतन्याहू ने दावा किया कि पहले चरण में मिसाइल भंडार और ड्रोन-मिसाइल सुविधाओं को नष्ट किया गया, जबकि अब उत्पादन क्षमता को निशाना बनाया जा रहा है। ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन युद्ध जारी है और दोनों पक्षों से हमले हो रहे हैं।
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बहरहाल, नेतन्याहू के तमाम दावे (यूरेनियम और मिसाइल क्षमता नष्ट होने) इंटेलिजेंस या ठोस सबूतों के साथ पुष्ट नहीं किए गए है। नेतन्याहू ने इसे अमेरिका-इसराइल अभियान की बड़ी सफलता बताया है। मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।