अमेरिका और इसराइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामनेई की मौत के कई संकेत मिल रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि खामनेई का कंपाउंड पूरी तरह तबाह हो गया है और ईरान के कई बड़े सुरक्षा और न्यूक्लियर अधिकारी मारे गए हैं।

नेतन्याहू ने शनिवार को एक वीडियो बयान में कहा, 'इस सुबह हमने तानाशाह खामनेई के कंपाउंड को नष्ट कर दिया। 30 साल से ज्यादा समय से यह शख्स दुनिया भर में आतंक फैला रहा था, अपने लोगों को दुखी कर रहा था और इसराइल को मिटाने की कोशिश कर रहा था। कई संकेत मिल रहे हैं कि यह तानाशाह अब नहीं रहा। हमने आयतुल्लाहों के शासन के बड़े अधिकारियों, रिवॉल्यूशनरी गार्ड कमांडरों और न्यूक्लियर प्रोग्राम के सीनियर लोगों को खत्म किया है। हम आगे भी जारी रखेंगे।'

नेतन्याहू ने ईरानी लोगों से सीधे अपील भी की। उन्होंने कहा, 'ईरानी नागरिकों, सड़कों पर उतरो और काम पूरा करो।' उनका मतलब था कि सैन्य हमलों ने ईरान में बदलाव के लिए मौक़ा दिया है और लोग अब शासन के ख़िलाफ़ उठ खड़े हों।

खामनेई का कंपाउंड तबाह, क्या हुआ सुप्रीम लीडर को?

रिपोर्टों के मुताबिक़, अमेरिका-इसराइल की कार्रवाई में खामनेई के तेहरान स्थित कंपाउंड पर करीब 30 बम गिराए गए। सैटेलाइट इमेज से दिख रहा है कि वहां बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। इमारतें काली पड़ गईं, मलबा बिखरा है और धुआं उठ रहा है। नेतन्याहू के ताज़ा बयान से पहले चैनल 12 जैसे इसराइली मीडिया ने कहा कि हमले में खामनेई को निशाना बनाया गया था, लेकिन वह अंडरग्राउंड बंकर में थे या सुरक्षित जगह पर चले गए थे।

इसराइल के कुछ अधिकारी मानते हैं कि खामनेई मारे गए हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि का इंतजार है। नेतन्याहू ने खामनेई को 'तानाशाह' कहकर संबोधित किया और कहा कि हमले ईरान के आतंक फैलाने वाले ढांचे को कमजोर करने के लिए थे।

ईरान का जवाब

इससे पहले दिन में सुप्रीम लीडर के मारे जाने के इन दावों को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एनबीसी न्यूज को बताया, 'जितना मुझे पता है, सुप्रीम लीडर खामनेई जिंदा हैं। सभी बड़े अधिकारी सुरक्षित हैं।' ईरान के सरकारी मीडिया ने भी कहा कि खामनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दोनों अच्छे स्वास्थ्य में हैं।

ईरान ने हमलों को गैरकानूनी और ग़लत बताया और कहा कि यह हमला बिना वजह किया गया। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इसराइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

पहले क्या हुआ था?

ईरान के अल-अलम टीवी ने कहा था कि खामनेई जल्द ही लोगों से बात करेंगे, लेकिन शनिवार रात तक उनका कोई भाषण नहीं आया। इससे अफवाहें और तेज हो गईं। इसराइल के हमलों में रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडरों और न्यूक्लियर प्रोग्राम के अधिकारियों को निशाना बनाया गया। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि डिफेंस काउंसिल सेक्रेटरी अली शमखानी जैसे बड़े लोग मारे गए हैं। हालाँकि, ईरान की ओर से इन ख़बरों की पुष्टि नहीं की गई है।

मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका?

यह घटना मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ा रही है। नेतन्याहू ने कहा कि अगले कुछ दिनों में हजारों और टारगेट्स पर हमले होंगे। अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए ग्लोबल अलर्ट जारी किया है। दुनिया भर की नजरें अब ईरान पर टिकी हैं- क्या खामनेई सच में नहीं रहे, या यह सिर्फ प्रोपगैंडा है? अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है।