वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में खुद को सभी आरोपों से बेकसूर बताया है। उन पर ड्रग तस्करी, नार्को-टेररिज्म यानी ड्रग से जुड़े आतंक फैलाने और खतरनाक हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। यह उनकी पहली अदालती पेशी थी। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर 3 जनवरी को हुई सैन्य कार्रवाई में गिरफ्तारी के बाद हुई।

63 साल के मादुरो ने जज से कहा, 'मुझे किडनैप किया गया है। मैं एक नेक और ईमानदार इंसान हूं। मैं अपने देश का राष्ट्रपति हूं।' उन्होंने सभी चार आरोपों में खुद को 'नॉट गिल्टी' यानी बेकसूर बताया। मादुरो पर नार्को-टेररिज्म की साजिश व कोकीन आयात करने की साजिश रचने, मशीनगन और विनाशकारी हथियार रखने और इसकी साजिश रचने के आरोप हैं। ये आरोप 2020 से ही लगे थे, लेकिन अब अमेरिका ने उन्हें पकड़कर मुकदमा शुरू कर दिया है।
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निकोलस मादुरो के साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी अमेरिका लाया गया। उन्होंने अदालत में खुद को बेकसूर बताया और कहा कि वे वेनेजुएला की फर्स्ट लेडी हैं। उन्होंने आरोपों पर कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष हैं।

आरोपों पर मादुरो की सफाई क्या?

मादुरों पर वैसे तो कई आरोप हैं, लेकिन चार गंभीर आरोप बताए जाते हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मेक्सिको के सिनालोआ और जेटास कार्टेल, कोलंबिया के फार्क विद्रोहियों और वेनेजुएला के ट्रेन दे अरागुआ गैंग के साथ मिलकर कोकीन की तस्करी की।

मादुरो इन आरोपों को हमेशा नकारते रहे हैं। वे कहते हैं कि ये इल्जाम वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा करने के लिए अमेरिका के बहाने हैं। उन्होंने अपने बचाव में कहा है कि मुकदमा राजनीतिक है, क्योंकि अमेरिका 2018 के चुनाव के बाद से उनकी सत्ता को चुनौती दे रहा है।

अमेरिका 2018 के चुनाव के बाद मादुरो को गैरकानूनी तानाशाह मानता है। न्यूयॉर्क के अभियोजकों ने 2020 में पहली बार मादुरो पर मुकदमा दर्ज किया था।

अधिकारियों ने शनिवार को नया अपडेटेड आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को भी शामिल किया गया। अभियोजकों का कहना है कि मादुरो की ये गलत गतिविधियां 2000 से शुरू हुईं, जब वे नेशनल असेंबली में थे। फिर वह विदेश मंत्री बने और 2013 में ह्यूगो शावेज के बाद राष्ट्रपति बने। आरोप है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अपराधी समूहों से गठजोड़ किया और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी के लिए किया।
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कैसे पकड़े गए मादुरो?

3 जनवरी की रात अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में बड़ा ऑपरेशन किया। हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों की मदद से सैनिकों ने मादुरो के घर पर छापा मारा और उन्हें तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को बेडरूम से पकड़ लिया। मादुरो को अमेरिकी जहाज पर न्यूयॉर्क ले जाया गया।

इस कार्रवाई से पूरी दुनिया में हलचल मच गई। कई देशों ने इसे 'एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति का अपहरण' बताया। वेनेजुएला में अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने शुरू में कड़ी निंदा की, लेकिन बाद में अमेरिका से सहयोग की बात की।
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यूएन सुरक्षा परिषद की बैठक में चिंता जताई गई

वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मीटिंग हुई। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताई कि इससे वेनेजुएला में अस्थिरता बढ़ सकती है।

गुटेरेस का कहना है कि वेनेज़ुएला में अमेरिका की कार्रवाई के मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का पालन नहीं किया गया है, इस बात से वे बेहद चिंतित हैं। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए क्या मिसाल कायम कर सकती है। रूस के प्रतिनिधि ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को तुरंत रिहा करने की मांग की। रूस, चीन और वेनेजुएला के साथी देशों ने अमेरिका की कार्रवाई की निंदा की है।