अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दी है। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर लिखा- 48 घंटों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलो अन्यथा ईरान के सभी पावर प्लांटों को नष्ट कर दिया जाएगा। यहां पर ईरान युद्ध के अन्य अपडेट भी जानिए।
इसराइल के परमाणु सिटी दिमोना और अराद में ईरान ने मिसाइलें गिराईं। फोटो- आईडीएफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को कड़ी चेतावनी दी। कहा अगर 48 घंटों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोला नहीं गया, तो अमेरिका ईरान के कई पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें "नष्ट" कर देगा। जिसमें सबसे बड़ा प्लांट पहले निशाना बनाया जाएगा। व्हाइट हाउस ने रविवार सुबह ट्रंप के नए फरमान की पुष्टि की। ईरान ने जवाब में कहा कि अगर उसके बिजली प्लांटों को निशाना बनाया गया तो मिडिल ईस्ट में यूएस के बुनियादी सैन्य, मीठे जल के पानी के प्लांटों पर ईरान हमले करेगा। ईरान ने इसराइल के दिमोना शहर को निशाना बनाया। उसके परमाणु ठिकानों के पास तक मिसाइलें गिराईं। इसराइल ने इसके बाद कहा कि उसे अफसोस है कि वो ईरानी मिसाइलों को दिमोना शहर में गिरने से नहीं रोक पाया। ईरान ने दिमोना से सटे शहर अराद में मिसाइलें गिराईं।
ईरान ने एफ 15 मार गिराने का दावा किया
ईरान की सेना ने रविवार को दावा किया कि उसने अपने डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करके देश के दक्षिणी तट और होर्मुज द्वीप के पास 'शत्रु' के एफ-15 विमान को मार गिराया है। यदि इस हमले की पुष्टि हो जाती है, तो अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष में ईरान द्वारा कम से कम आधा दर्जन अमेरिकी विमानों को निशाना बनाया गया है या मार गिराया गया है। हालांकि अमेरिका ने इसका खंडन कर दिया। ईरान ने इससे पहले भी जितने अमेरिकी जेट लड़ाकू विमानों को गिराने का दावा किया, अमेरिका ने किसी न किसी तरीके से सभी का खंडन किया।एक में भी ईरान के दावे को स्वीकार नहीं किया।
ईरान के फ़ार्स न्यूज़ के अनुसार, एडवांस एफ-15 लड़ाकू विमान को ईरानी वायु रक्षा बल की ज़मीन से हवा में मार करने वाली प्रणालियों का उपयोग करके निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने एक वीडियो भी अपलोड किया है जिसमें दावा किया गया है कि वायु रक्षा प्रणाली ने एफ-15 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक लॉक कर लिया है। हालांकि, निर्माता देश, अमेरिका, या मध्य पूर्व के सहयोगी देशों की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका के अलावा, सऊदी अरब, इज़राइल और कतर सहित अन्य मध्य पूर्वी देशों के पास भी एफ-15 विमान उनकी वायु रक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं।
अमेरिका का जेट फाइटर एफ 15
यूएस को झटके पर झटका
यह ताजा हमला ईरान द्वारा अमेरिकी एफ-35 पर हमला करने का दावा करने के कुछ दिनों बाद हुआ है। एफ-35 लाइटनिंग 2 पांचवीं पीढ़ी का जेट है जिसे सबसे उन्नत जेट में से एक माना जाता है। सीएनएन की एक रिपोर्ट में अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की गई है कि एक एफ-35 ने आपातकालीन लैंडिंग की थी, साथ ही यह भी बताया गया है कि पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया और मामले की जांच चल रही है।
मध्य पूर्व में पिछले चार हफ्तों से चल रहे संघर्ष में एफ-15 लड़ाकू विमानों से जुड़ी यह चौथी घटना है। 1 मार्च को, कुवैती वायु सेना द्वारा अलग-अलग घटनाओं में तीन एफ-15ई "स्ट्राइक ईगल" जेट विमानों को गलती से मार गिराया गया था। सेंटकॉम के अनुसार, कुवैती सेना द्वारा अभियानों के दौरान इन विमानों को "गलती से मार गिराया गया" था।
एफ-15 और एफ-35 के अलावा, अमेरिकी सेना द्वारा पहले बताए गए अनुसार, एक अमेरिकी ईंधन भरने वाला विमान, केसी-135, भी "मित्रवत हवाई क्षेत्र" में दो विमानों से जुड़ी "अज्ञात घटना" के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ईरानी सेना ने यह भी दावा किया कि उन्होंने देश के मध्य भाग में इजरायली एफ-16 लड़ाकू विमान को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया।
सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अधिकारी को देश से निकलने को कहा
सऊदी अरब ने रविवार 22 मार्च को ईरानी दूतावास के सैन्य अटैची और चार अन्य मिशन कर्मचारियों को "अवांछित व्यक्ति" घोषित कर दिया और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया। सऊदी अरब पर ईरान लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। सऊदी अरब का कहना है कि उसने ईरान के 60 ड्रोन को मार गिराया है। लेकिन इन हमलों से सऊदी अरब ने परेशान होकर ईरान के मिलिट्री अटैची को देश से जाने को कहा।
ईरान की अनुमति से विदेशी जहाज गुज़र सकते हैंः ब्रिटेन में राजदूत मूसावी
ईरान के राजदूत का कहना है कि विदेशी जहाज ईरान की अनुमति से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) में ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि सुरक्षा और व्यवस्था के लिए ईरानी सरकार के तालमेल से विदेशी जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं। अली मूसावी, जो ब्रिटेन में भी ईरान के राजदूत हैं, ने ईरान की मेहर समाचार एजेंसी को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के साथ-साथ "ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और अधिकारों" का सम्मान भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईरान समुद्री सुरक्षा में सुधार और नाविकों की सुरक्षा के लिए आईएमओ और अन्य देशों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। मूसावी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल ईरान के "शत्रुओं" के लिए बंद है, और उन्होंने आगे कहा कि खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में "वर्तमान स्थिति की जड़" अमेरिका-इसराइल का थोपा हुआ युद्ध है।
होर्मुजः ट्रंप ने ईरान को दी 48 घंटे की धमकी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "यदि ईरान इस समय से 48 घंटों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी खतरे के पूरी तरह से नहीं खोलता, तो यूएस उनके विभिन्न पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें नष्ट कर देगा, सबसे बड़े से शुरू करके! इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"
धमकी के बाद ईरानी सेना का ट्रंप को कड़ा जवाब
ईरान ने अपने बिजली ग्रिड पर हमले की आशंका में अमेरिका के खाड़ी देशों में पावर और जल स्थलों पर हमले की चेतावनी दी है। ईरान की सेना ने धमकी दी है कि अगर उसके पावर प्लांटों को निशाना बनाया गया तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इसराइल से जुड़े सभी पावर सप्लाई के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगी। ईरान की खातम अल-अनबिया केंद्रीय कमान के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने कहा कि ईरान अमेरिका और इसराइल से जुड़े मीठे पानी वाले प्लांट और आईटी के बुनियादी ढांचे पर भी हमला करेगा। यह चेतावनी ट्रंप द्वारा ईरान के बिजली प्लांटों पर हमले की धमकी के बाद आई है, अगर ईरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलता है।ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दिवंगत प्रमुख अली लारीजानी ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के बिजली ग्रिड को निशाना बनाया गया तो "पूरा क्षेत्र आधे घंटे के भीतर अंधेरे में डूब जाएगा।"
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमलों के जवाब में ईरानी सेनाओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर चोकहोल्ड (नाकाबंदी) लगा दी है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग एक-पांचवें तेल आपूर्ति का मार्ग है, जिसके बंद होने से वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
एक दिन में ही पलट गए ट्रंप
ट्रंप ने एक दिन पहले एक पोस्ट में कहा था कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और निगरानी अन्य राष्ट्रों द्वारा की जानी चाहिए जो इसका इस्तेमाल करते हैं- अमेरिका नहीं। उन्होंने लिखा था, "हॉर्मुज जलडमरूमध्य को आवश्यकतानुसार उन राष्ट्रों द्वारा गार्ड (निगरानी) और पुलिसिंग किया जाना चाहिए जो इसका इस्तेमाल करते हैं- संयुक्त राज्य अमेरिका नहीं!" इसके बाद 20 देशों ने शनिवार रात को यूएई के नेतृत्व में ईरान से होर्मुज खोलने की अपील की थी। इस अपील या बयान पर जर्मनी, फ्रांस, इटली जैसे देशों के भी हस्ताक्षर थे।
ट्रंप ने ईरान को तेल बेचने की अनुमति दी
ट्रंप प्रशासन ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि शुक्रवार तक जहाजों पर लोड किए गए ईरानी तेल पर प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया गया है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर पोस्ट किया कि यह छूट वैश्विक बाजारों में लगभग 14 करोड़ बैरल तेल लाएगी और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव को कम करने में मदद करेगी।
अरागची ने ओमान के विदेश मंत्री से फोन पर बात की
आईआरएनए समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी से अमेरिका-इसराइल युद्ध में नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात की। अरागची ने क्षेत्र में नवीनतम घटनाक्रमों पर ईरान के विचार स्पष्ट किए, जबकि अलबुसैदी ने ईद अल-फितर और फारसी नव वर्ष नवरोज की शुभकामनाएं दीं। इरना ने बताया, "दोनों विदेश मंत्रियों ने पक्षों के बीच परामर्श जारी रखने पर जोर देते हुए बातचीत समाप्त की।" युद्ध से पहले अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में मध्यस्थता करने में ओमान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और हमलों की शुरुआत से पहले उसने महत्वपूर्ण प्रगति की सूचना दी थी।
शारजाह के पास विस्फोट
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार सुबह बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के मध्य उत्तरी तट के पास एक मालवाहक पोत के निकट अज्ञात प्रक्षेपास्त्र के कारण विस्फोट हुआ। UKMTO ने कहा, "संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह से 15 समुद्री मील उत्तर में एक घटना की सूचना UKMTO को मिली है।" इसमें आगे कहा गया, "सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।" ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के कच्चे तेल का 20% हिस्सा गुजरता है, जिसके कारण ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
इसराइल के परमाणु सेंटर दिमोना शहर पर ईरान ने मिसाइलें गिराईं
इसराइल के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि ईरान ने हमारे दिमोना शहर पर मिसाइल गिराई है। करीब सौ लोगों के घायल होने की सूचना है। दिमोना शहर पर ईरानी मिसाइल हमले से पता चलता है कि तेहरान के पास अभी भी "प्रभावी कमान और नियंत्रण" है। सीएनएन के मुताबिक इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन संस्थान में ईरान के वरिष्ठ फेलो डैनी सिट्रिनोविच ने कहा कि शनिवार शाम को दिमोना पर हुआ हमला, जो इसराइल के परमाणु कार्यक्रम का केंद्र है, युद्ध प्रबंधन की रणनीति का हिस्सा है। सिट्रिनोविच ने सोशल मीडिया पर कहा, "दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर इसराइली हमले के बाद दिमोना और हाइफ़ा रिफाइनरी पर ईरानी हमले से एक स्पष्ट और सुसंगत रणनीति उजागर होती है: जानबूझकर संकेत देकर तनाव को नियंत्रित करना।" उन्होंने कहा कि दिमोना पर हमले का निर्णय "ईरान के प्रभावी कमान और नियंत्रण" को दर्शाता है। ईरान ने कहा कि दिमोना पर हमला तेहरान द्वारा अमेरिका-इसराइल के नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर किए गए हमले के जवाब में था। इसराइली सेना ने कहा कि वह नतान्ज़ पर हुए हमले से "अनजान" है। पिछले साल जून में 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने नतान्ज़ पर हमला किया था।
एक और शहर चपेट मेंः दक्षिणी इसराइल का एक अन्य शहर अराद भी दिमोना के लगभग उसी समय ईरानी मिसाइल हमले की चपेट में आ गया। इसराइली सेना ने कहा कि वह इन दोनों दक्षिणी शहरों पर गिरे मिसाइलों को रोकने में असमर्थ रही। दिमोना के आसपास इसराइल की हवाई रक्षा प्रणालियों को भेदने वाली ईरानी मिसाइलें पहली बार गिरी हैं।
दिमोना और अराद पर हमले के बाद ईरान का बयान
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़ेर ग़ालिबफ़ ने X पर कहा- “अगर इसराइली शासन भारी सुरक्षा वाले दिमोना इलाके में मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहता है, तो यह ऑपरेशनल तौर पर लड़ाई के एक नए चरण में प्रवेश करने का संकेत है।” उनका बयान अराद पर हमले से पहले और दिमोना पर हमले के बाद आया। अराद पर हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, “हमारे भविष्य की लड़ाई में यह एक बेहद मुश्किल शाम रही है।”
पश्चिम एशिया के हालात तनावपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान जलडमरूमध्य को बंद रखता है, तो तेल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ट्रंप की 48 घंटे की अल्टीमेटम ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है, और अब दुनिया की नजरें ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।