अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को कड़ी चेतावनी दी। कहा अगर 48 घंटों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोला नहीं गया, तो अमेरिका ईरान के कई पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें "नष्ट" कर देगा। जिसमें सबसे बड़ा प्लांट पहले निशाना बनाया जाएगा। व्हाइट हाउस ने रविवार सुबह ट्रंप के नए फरमान की पुष्टि की। ईरान ने जवाब में कहा कि अगर उसके बिजली प्लांटों को निशाना बनाया गया तो मिडिल ईस्ट में यूएस के बुनियादी सैन्य, मीठे जल के पानी के प्लांटों पर ईरान हमले करेगा। ईरान ने इसराइल के दिमोना शहर को निशाना बनाया। उसके परमाणु ठिकानों के पास तक मिसाइलें गिराईं। इसराइल ने इसके बाद कहा कि उसे अफसोस है कि वो ईरानी मिसाइलों को दिमोना शहर में गिरने से नहीं रोक पाया। ईरान ने दिमोना से सटे शहर अराद में मिसाइलें गिराईं।

सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अधिकारी को देश से निकलने को कहा

सऊदी अरब ने रविवार 22 मार्च को ईरानी दूतावास के सैन्य अटैची और चार अन्य मिशन कर्मचारियों को "अवांछित व्यक्ति" घोषित कर दिया और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया। सऊदी अरब पर ईरान लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। सऊदी अरब का कहना है कि उसने ईरान के 60 ड्रोन को मार गिराया है। लेकिन इन हमलों से सऊदी अरब ने परेशान होकर ईरान के मिलिट्री अटैची को देश से जाने को कहा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा, "यदि ईरान इस समय से 48 घंटों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी खतरे के पूरी तरह से नहीं खोलता, तो यूएस उनके विभिन्न पावर प्लांट्स पर हमला कर उन्हें नष्ट कर देगा, सबसे बड़े से शुरू करके! इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"

धमकी के बाद ईरानी सेना का ट्रंप को कड़ा जवाब

ईरान ने अपने बिजली ग्रिड पर हमले की आशंका में अमेरिका के खाड़ी देशों में पावर और जल स्थलों पर हमले की चेतावनी दी है। ईरान की सेना ने धमकी दी है कि अगर उसके पावर प्लांटों को निशाना बनाया गया तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इसराइल से जुड़े सभी पावर सप्लाई के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगी। ईरान की खातम अल-अनबिया केंद्रीय कमान के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने कहा कि ईरान अमेरिका और इसराइल से जुड़े मीठे पानी वाले प्लांट और आईटी के बुनियादी ढांचे पर भी हमला करेगा। यह चेतावनी ट्रंप द्वारा ईरान के बिजली प्लांटों पर हमले की धमकी के बाद आई है, अगर ईरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलता है।ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दिवंगत प्रमुख अली लारीजानी ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के बिजली ग्रिड को निशाना बनाया गया तो "पूरा क्षेत्र आधे घंटे के भीतर अंधेरे में डूब जाएगा।"

ताज़ा ख़बरें
ट्रंप की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए हमलों के जवाब में ईरानी सेनाओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर चोकहोल्ड (नाकाबंदी) लगा दी है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग एक-पांचवें तेल आपूर्ति का मार्ग है, जिसके बंद होने से वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

यूएस राष्ट्रपति ट्रंप

एक दिन में ही पलट गए ट्रंप

ट्रंप ने एक दिन पहले एक पोस्ट में कहा था कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और निगरानी अन्य राष्ट्रों द्वारा की जानी चाहिए जो इसका इस्तेमाल करते हैं- अमेरिका नहीं। उन्होंने लिखा था, "हॉर्मुज जलडमरूमध्य को आवश्यकतानुसार उन राष्ट्रों द्वारा गार्ड (निगरानी) और पुलिसिंग किया जाना चाहिए जो इसका इस्तेमाल करते हैं- संयुक्त राज्य अमेरिका नहीं!" इसके बाद 20 देशों ने शनिवार रात को यूएई के नेतृत्व में ईरान से होर्मुज खोलने की अपील की थी। इस अपील या बयान पर जर्मनी, फ्रांस, इटली जैसे देशों के भी हस्ताक्षर थे।

ट्रंप ने ईरान को तेल बेचने की अनुमति दी

ट्रंप प्रशासन ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि शुक्रवार तक जहाजों पर लोड किए गए ईरानी तेल पर प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया गया है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर पोस्ट किया कि यह छूट वैश्विक बाजारों में लगभग 14 करोड़ बैरल तेल लाएगी और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव को कम करने में मदद करेगी।

शारजाह के पास विस्फोट

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार सुबह बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के मध्य उत्तरी तट के पास एक मालवाहक पोत के निकट अज्ञात प्रक्षेपास्त्र के कारण विस्फोट हुआ। UKMTO ने कहा, "संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह से 15 समुद्री मील उत्तर में एक घटना की सूचना UKMTO को मिली है।" इसमें आगे कहा गया, "सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।" ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया के कच्चे तेल का 20% हिस्सा गुजरता है, जिसके कारण ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।

इसराइल के परमाणु सेंटर दिमोना शहर पर ईरान ने मिसाइलें गिराईं

इसराइल के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि  ईरान ने हमारे दिमोना शहर पर मिसाइल गिराई है। करीब सौ लोगों के घायल होने की सूचना है। दिमोना शहर पर ईरानी मिसाइल हमले से पता चलता है कि तेहरान के पास अभी भी "प्रभावी कमान और नियंत्रण" है। सीएनएन के मुताबिक इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन संस्थान में ईरान के वरिष्ठ फेलो डैनी सिट्रिनोविच ने कहा कि शनिवार शाम को दिमोना पर हुआ हमला, जो इसराइल के परमाणु कार्यक्रम का केंद्र है, युद्ध प्रबंधन की रणनीति का हिस्सा है। सिट्रिनोविच ने सोशल मीडिया पर कहा, "दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर इसराइली हमले के बाद दिमोना और हाइफ़ा रिफाइनरी पर ईरानी हमले से एक स्पष्ट और सुसंगत रणनीति उजागर होती है: जानबूझकर संकेत देकर तनाव को नियंत्रित करना।" उन्होंने कहा कि दिमोना पर हमले का निर्णय "ईरान के प्रभावी कमान और नियंत्रण" को दर्शाता है। ईरान ने कहा कि दिमोना पर हमला तेहरान द्वारा अमेरिका-इसराइल के नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर किए गए हमले के जवाब में था। इसराइली सेना ने कहा कि वह नतान्ज़ पर हुए हमले से "अनजान" है। पिछले साल जून में 12 दिनों तक चले युद्ध के दौरान अमेरिका ने नतान्ज़ पर हमला किया था।
एक और शहर चपेट मेंः दक्षिणी इसराइल का एक अन्य शहर अराद भी दिमोना के लगभग उसी समय ईरानी मिसाइल हमले की चपेट में आ गया। इसराइली सेना ने कहा कि वह इन दोनों दक्षिणी शहरों पर गिरे मिसाइलों को रोकने में असमर्थ रही। दिमोना के आसपास इसराइल की हवाई रक्षा प्रणालियों को भेदने वाली ईरानी मिसाइलें पहली बार गिरी हैं।

दिमोना और अराद पर हमले के बाद ईरान का बयान

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़ेर ग़ालिबफ़ ने X पर कहा- “अगर इसराइली शासन भारी सुरक्षा वाले दिमोना इलाके में मिसाइलों को रोकने में नाकाम रहता है, तो यह ऑपरेशनल तौर पर लड़ाई के एक नए चरण में प्रवेश करने का संकेत है।” उनका बयान अराद पर हमले से पहले और दिमोना पर हमले के बाद आया। अराद पर हमले के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, “हमारे भविष्य की लड़ाई में यह एक बेहद मुश्किल शाम रही है।”

पश्चिम एशिया के हालात तनावपूर्ण

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान जलडमरूमध्य को बंद रखता है, तो तेल की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ट्रंप की 48 घंटे की अल्टीमेटम ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है, और अब दुनिया की नजरें ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।