अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ युद्ध "खत्म होने के बेहद करीब" है। उधर उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने भी ईरान के साथ चल रही "व्यापक समझौते" की बातचीत का जिक्र किया है। ताज़ा अपडेटः
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि ईरान पर चल रहा युद्ध बहुत जल्द खत्म होने वाला है। उन्होंने आगे कहा, “मैं इसे बहुत करीब से खत्म होने वाला देख रहा हूं।” ईरान युद्ध पर ट्रंप का इतना स्पष्ट बयान पहली बार सामने आया है। अभी तक ईरान-यूएस बातचीत को लेकर ही उनके बयान आते रहे हैं, जिसमें एक और दौर की बातचीत का जिक्र होता था। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने भी ईरान से दोबारा बातचीत की पुष्टि की है।
ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अगर उन्होंने ईरान पर युद्ध नहीं छेड़ा होता तो अब तक ईरान के पास परमाणु हथियार हो चुका होता। उन्होंने कहा, “और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता तो आप वहां सबको ‘सर’ कह रहे होते, और आप ऐसा नहीं करना चाहते।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस एंकर मारिया बार्टिरोमो से बात करते हुए कहा कि ईरान को अमेरिका और इसराइल के हमलों से हुई तबाही से उबरने में 20 साल लग जाएंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “और हम अभी खत्म नहीं हुए हैं। हम देखेंगे क्या होता है। मुझे लगता है कि वे डील करना चाहते हैं।”
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन (IAEA) ने पहले कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के कोई सबूत नहीं हैं। इस बात को ईरान भी कह रहा है कि वे यूरेनियम संवर्धन का इस्तेमाल सिर्फ अपनी बिजली जरूरतों के लिए करना चाहते हैं।
उपराष्ट्रपति वैंस ने क्या कहा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने मंगलवार को जॉर्जिया के एथेंस में टर्निंग पॉइंट यूएसए (Turning Point USA) कार्यक्रम में कहा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ ईरान के साथ ‘ग्रैंड बारगेन’ (महत्वाकांक्षी समझौता) के लिए लड़ते रहेंगे।
वैंस ने बताया कि उन्होंने पिछले हफ्ते पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का नेतृत्व किया था। अगर दूसरा दौर होता है तो वे उसका भी नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि मेज पर बैठे लोग “डील करना चाहते हैं”, भले ही अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुरानी अविश्वास की दीवार हो।
वैंस ने कहा, “जहां हम हैं, मुझे वहां से बहुत अच्छा लग रहा है।” उन्होंने ट्रंप की महत्वाकांक्षा की तारीफ करते हुए कहा, “वे छोटा सौदा नहीं करना चाहते। वे ग्रैंड बारगेन चाहते हैं।”
उपराष्ट्रपति ने समझाया कि ट्रंप जो सौदा चाहते हैं उसमें ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए, ईरान आतंकवाद का समर्थन बंद करे, लेकिन इसके बदले ईरान के लोग फल-फूल सकें, समृद्ध हों और विश्व अर्थव्यवस्था में शामिल हो सकें। “यह वह डील है जो वे ऑफर कर रहे हैं।”
वैंस ने कहा, “हम बातचीत जारी रखेंगे और इसे हकीकत बनाने की कोशिश करेंगे। इसलिए मैं इसके होने के लिए लड़ता रहूंगा।”
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू है, जो अभी टिका हुआ है। बातचीत के अगले दौर की संभावना बनी हुई है। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है, हालांकि दोनों पक्ष अभी भी सतर्क हैं।