ईरान और अमेरिका के बीच फिर से बातचीत कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी कथित हत्या की खबरों को गंभीरता से ले लिया है। ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अगर ईरान उन्हें मारने की कोशिश करता है, तो अमेरिका ने ईरान के खिलाफ़ ज़बरदस्त सैन्य कार्रवाई की मंज़ूरी पहले ही दे दी है। उन्होंने कहा कि "1,000 मिसाइलें तैयार हैं" और उन्हें ईरान की ओर निशाना बनाकर रखा गया है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले का आदेश पहले ही दे दिया है, अगर तेहरान उनके ख़िलाफ़ लंबे समय से चली आ रही धमकी पर कोई कदम उठाता है। इसराइल ने ट्रंप को इस कथित ईरानी प्लॉट के बारे में जानकारी दी है। हालांकि ईरान की ओर से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। लेकिन ईरान के लोग अपने रहबर और उनके परिवार की हत्या के बाद ट्रंप से बदला लेने की धमकी दी है। 

ट्रंप की खुली धमकी

ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी देते हुए कहा कि 'अगर मुझे मारने की कोशिश की, तो ईरान का नामोनिशान मिटा देंगे।' अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखते हुए ट्रंप ने दावा किया कि:"ईरान की तरफ 1,000 मिसाइलें पूरी तरह से 'लॉक और लोडेड' (निशाने पर) हैं। इसके अलावा हजारों अन्य मिसाइलें भी तुरंत हमले के लिए तैयार खड़ी हैं।"
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना को आदेश दिए जा चुके हैं और वह ईरान के सभी हिस्सों को पूरी तरह नेस्तनाबूद (Decimate) करने में सक्षम और तैयार है। हालांकि ऐसी कोई धमकी अमेरिकी सेंट्रल कमांड या अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन से नहीं आई है। किसी अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने भी इस बारे में कुछ नहीं कहा है।
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इससे पहले ट्रंप ने क्या कहा था

ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए गए इंटरव्यू में उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि इसराइल को उन्हें निशाना बनाने की ईरान की कथित योजना के बारे में नई जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि हत्या की किसी फौरी साजिश का संकेत देने वाली कोई नई खुफिया जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, "नहीं, नहीं। इसराइल को कुछ भी पता नहीं चला है। मैं लंबे समय से ईरान की 'किल लिस्ट' (मारने की सूची) में नंबर 1 पर रहा हूं, और ज़िंदगी ऐसी ही है।"
इस हफ्ते की शुरुआत में, ट्रंप ने खुद को ईरान का "नंबर वन टारगेट" बताया और दोहराया कि तेहरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि ईरान के साथ भविष्य में होने वाला कोई भी टकराव लंबे संघर्ष में बदल जाएगा।
ईरान ने बार-बार 2020 में ट्रंप के आदेश पर हुए अमेरिकी ड्रोन हमले का बदला लेने की कसम खाई है, जिसमें बगदाद के पास ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी मारे गए थे। तब से अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रंप को निशाना बनाने की ईरान से जुड़ी कई कथित हत्या की साजिशों का खुलासा किया है, हालांकि तेहरान ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है।
इस बीच, ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश की थी, लेकिन दावा किया कि वाशिंगटन ने तेहरान को सूचित कर दिया था कि युद्धविराम खत्म हो गया है। एक अन्य 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने के लिए कहा है। हम ऐसा करने के लिए सहमत हो गए हैं, लेकिन अमेरिका ने उन्हें साफ शब्दों में बता दिया है कि युद्धविराम खत्म हो गया है।"

ईरान का पलटवार: Full-Scale Defence के लिए तैयारः ईरान की संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अमेरिकी धमकियों के आगे कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा। गालिबाफ ने एक बयान में कहा:"अगर अमेरिका ने पिछले महीने हुए समझौते को धोखा दिया या उसका उल्लंघन किया, तो ईरान 'पूर्ण पैमाने पर रक्षा' (All-out/Full-scale defence) के लिए पूरी तरह तैयार है। यह लड़ाई कभी भी ईरान के सरेंडर के साथ खत्म नहीं होगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत केवल वही कर सकता है जो युद्ध के लिए हमेशा तैयार हो। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संघर्षविराम समाप्त होने के बावजूद वे कतर और ओमान जैसे मध्यस्थों के जरिए ईरान के साथ राजनयिक बातचीत जारी रखने को तैयार हैं, लेकिन दोनों तरफ से बार-बार हो रहे हमलों और मिसाइल तनातनी के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है। वैश्विक तेल बाजारों में भी इस तनाव के कारण भारी अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

होर्मुज को लेकर अमेरिका का अल्टीमेटम

रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान को सख्त अल्टीमेटम दिया है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है: "हम मांग कर रहे हैं कि ईरानी नेतृत्व सार्वजनिक रूप से बयान जारी कर यह स्वीकार करे कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के सभी रास्ते खुले हैं और वे अब जहाजों पर गोलीबारी नहीं करेंगे। या तो वे हमें यह बयान दें, वरना उनके लिए इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा।"
बता दें कि इस समुद्री रास्ते से दुनिया के कुल तेल का लगभग 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है और अमेरिका ने हाल ही में ईरान के तटीय ठिकानों पर करीब 90 हवाई हमले किए हैं।

ओमान पहुंचे अरागची, दी चेतावनी

अमेरिका द्वारा ईरान के नागरिकों और संस्थाओं पर लगाए गए नए प्रतिबंधों पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने कड़ी आपत्ति जताई है। अरागची ने अमेरिका पर दोनों देशों के बीच हुए समझौते (MoU) की धारा 9 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। अरागची ओमान पहुंच चुके हैं। ओमान चाहता है कि ईरान फिर से अमेरिका से बातचीत करे।
सोशल मीडिया (X) पर लिखते हुए अरागची ने अमेरिका को 'रियलिटी चेक' देते हुए कहा: "ईरान ने अब तक अपना वादा निभाया है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी विभाग समझौते का उल्लंघन कर रहा है। अब आगे केवल पारस्परिक अनुपालन (Mutual Compliance) ही हो सकता है।" अगर अमेरिका नियमों को तोड़ेगा, तो ईरान भी समझौते को मानने के लिए बाध्य नहीं है।

ओमान क्यों आए हैं अरागची

ईरान के विदेश मंत्री अरागची ओमान के दौरे पर हैं। यह दौरा तेहरान और मस्कट के बीच हो रही बातचीत का हिस्सा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की व्यवस्था पर चर्चा हो रही है। दोनों देशों के बीच पिछले दो महीनों से बातचीत चल रही है। ईरानी अधिकारी बार-बार यह कह रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और महफूज रखने के लिए उसका प्रबंधन करने का उन्हें अधिकार है।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिका का समझौतों का उल्लंघन करने या उन्हें तोड़ने का इतिहास रहा है। इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान ने इस चरण में बातचीत का अनुरोध नहीं किया है, लेकिन वह मध्यस्थों के तेहरान दौरे को स्वीकार करता है। बघाई अमेरिका पर हवाई हमले करने और ईरानी तेल निर्यात पर मिली छूट को रद्द करके समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन करने का आरोप भी लगा रहे हैं।